धनबाद: पिछले दो वर्षों में धनबाद में घटित दो घटनाओं को देश ने जाना। दोनों घटनाएं वर्तमान एसएसपी संजीव कुमार के कार्यकाल में घटी है। वर्ष 2021 के जुलाई माह में संजीव कुमार धनबाद के एसएसपी बने और ठीक 20 दिनों बाद धनबाद में न्याय की हत्या हुई, यानी जज उत्तम आनंद की मॉर्निंग वॉक के दौरान हत्या हो गयी।
इससे पूरा देश हिल गया। राज्य सरकार से लेकर केंद्र के गृह मंत्रालय तक का पूरा महकमा सकते में आ गया था। मामला सीबीआई को सौंपे जाने के बाद धनबाद पुलिस की जान बची।अब जेल के भीतर कुख्यात शूटर अमन सिंह की हत्या को भी पूरे देश ने जाना।
इसलिये कि अमूमन जेल के अंदर हत्या की आशंका नहीं के बराबर होती है।
देश ने धनबाद को तब भी जाना था जब दिलेर जांबाज एसपी रणधीर प्रसाद वर्मा एक बैंक डकैती के दौरान अकेले लड़ते हुए आतंकियों के हाथों शहीद हो गए थे। इससे पूर्व धनबाद तब भी सुर्खियों में था जब मशहूर मजदूर नेता बीपी सिन्हा की हत्या कर दी गयी थी।
वैसे मानवीय चूक,प्रबंधकीय भूल अथवा प्राकृतिक आपदा मूलक खान दुर्घटनाओं के कारण भी धनबाद देश विदेश में चर्चित रहा है। धनबाद में चासनाला,नागदा और गजलीटांड़ जैसी ऐतिहासिक खान दुर्घटनाएं हुई हैं।
लेकिन माफिया संस्कृति और गैंगवार से इसकी काली पहचान बनी है।
बहरहाल अमन सिंह की हत्या ने यूपी के योगी राज की नजीर ताजा कर दी। वहां पर्दे के बाहर फिल्मी अंदाज में आतंक बने अपराधी ढेर किये जाते रहें हैं। यहां कमोवेश उसी स्टाइल में पर्दा नसिनी के साथ अमन को ढेर कर दिया गया। कारक और कारण जो भी हो, आंतक का पर्याय अमन सिंह का खतरनाक अंत अवश्य हो गया।







