Pension Scam: जीवित पति के बावजूद 10 साल से ले रहीं थीं Widow Pension, सोशल ऑडिट में खुलासा

 Pension Scam: दुमका के रानीश्वर प्रखंड में छह महिलाएं 10 साल से जीवित पति के बावजूद विधवा पेंशन लेती रहीं। सोशल ऑडिट में खुलासा, 7 लाख से अधिक राशि की वसूली होगी।


 Pension Scam : झारखंड के दुमका जिले में पेंशन योजना से जुड़ा बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। रानीश्वर प्रखंड की मोहलबना पंचायत के कदमा गांव में छह महिलाएं अपने पति के जीवित रहने के बावजूद पिछले 9 से 10 वर्षों से विधवा पेंशन का लाभ ले रही थीं। सोशल ऑडिट में मामला उजागर होने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भौतिक सत्यापन कराया।

 Pension Scam:बीडीओ के औचक निरीक्षण में खुली पोल

उपायुक्त के निर्देश पर रानीश्वर प्रखंड के बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा गांव पहुंचे। जांच के दौरान संबंधित महिलाएं और उनके पति मौके पर मौजूद मिले। जब बीडीओ ने पूछा कि पति जीवित होने के बावजूद विधवा पेंशन कैसे ली जा रही है, तो कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।

जिला प्रशासन ने इसे सरकारी राशि के दुरुपयोग और जानबूझकर की गई धोखाधड़ी का मामला माना है। जांच के दौरान प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा, कनीय अभियंता, पंचायत की मुखिया, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सेवक और पंचायत स्वयंसेवक भी उपस्थित थे।

  • दुमका के रानीश्वर प्रखंड में छह महिलाएं फर्जी तरीके से विधवा पेंशन लेती मिलीं

  • पति जीवित होने के बावजूद 9 से 10 वर्षों से मिल रहा था लाभ

  • सोशल ऑडिट में मामला उजागर, भौतिक सत्यापन में पुष्टि

  • करीब 7 लाख रुपये से अधिक की सरकारी राशि का दुरुपयोग

  • पूरे प्रखंड में सघन जांच अभियान चलाने की तैयारी


 Pension Scam:सोशल ऑडिट में छह फर्जी लाभुकों की पहचान

पेंशन योजना के सोशल ऑडिट के दौरान कदमा गांव की छह महिलाओं द्वारा गलत तरीके से लाभ लेने की पुष्टि हुई। इनमें बुलूवाला दासी, मालती मुर्मू, चुड़की मुर्मू, रेखा गोराई, सुकुरमुनी सोरेन और सुमिदा दत्ता शामिल हैं। सभी के पति जीवित पाए गए, जबकि वे वर्षों से विधवा पेंशन ले रही थीं।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह मामला सिर्फ एक पंचायत तक सीमित नहीं हो सकता। रानीश्वर प्रखंड में कुल आठ पंचायतें हैं और अन्य पंचायतों में भी ऐसे फर्जी लाभुकों की आशंका जताई गई है।

 Pension Scam:10 साल में 7 लाख रुपए से अधिक की हेराफेरी

प्रशासनिक आकलन के मुताबिक छह महिलाएं करीब दस वर्षों से पेंशन ले रही थीं। एक महिला लगभग 1.20 लाख रुपये प्राप्त कर चुकी है। कुल मिलाकर करीब 7 लाख रुपये से अधिक की सरकारी राशि का गलत तरीके से भुगतान हुआ है।

बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा ने इसे सरकारी धन की खुली लूट करार देते हुए कहा कि संबंधित लोगों से पूरी राशि वसूली जाएगी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूरे प्रखंड में सघन जांच अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है।

Saffrn

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