पटना : सनातन धर्म में मौनी अमावस्या का विशेष महत्व होता है। आज यानी 29 जनवरी के दिन सुबह से ही भारी संख्या में लोग गंगा स्नान करने पहुंच रहे हैं। पटना के गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ है। वहीं उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ लगा हुआ है। आज दूसरा शाही स्नान है। इस दिन का महत्व ध्यान, तपस्या, साधना और योग के लिए अधिक है। धर्म के ज्ञाताओं का मानना है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान से पुण्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पाप मिटते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है लेकिन स्नान का भी नियम है कि स्नान से पहले मौन धारण करना रहता है और कई लोग पूरे दिन मौन व्रत धारण करते हैं।
पटना के अलग-अलग घाटों पर पहुंच रहे हैं लोग
मौनी अमावस्या को लेकर सुबह से लोग गंगा स्नान करने के लिए पटना के अलग-अलग घाटों पर लोग पहुंच रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रयागराज नहीं पहुंच पाए। कुंभ में स्नान नहीं कर पाए तो हमलोग गंगा स्नान के लिए पहुंचे हैं। बता दें कि मान्यताओं के अनुसार, कहा जाता है कि गंगा स्नान करने से सारे नकारात्मक विचारों से मुक्ति मिलती है। न्यूज 22स्कोप की टीम गंगा घाटों पर लोगों से बातचीत की।

पूरे दिन स्नान का है महत्व
पंडित प्रेमसागर पांडे ने बताया कि मौनी अमावस्या का दिन ऋषि मुनियों की तपस्या और साधना की स्मृति को समर्पित है। हिंदू धर्म की पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन प्रथम पुरुष मनु ने मौन व्रत का धारण किया था। इस दिन सूर्योदय 7:11 पर हो रहा है और स्नान का शुभ मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त से प्रारंभ हो रहा है, जो पूरे दिन रहेगा।
यह भी देखें :
कुंभ दान का विशेष महत्व
इस दिन कुंभ दान का विशेष महत्व होता है। कुंभ का अर्थ होता है कलश और इस दिन गंगा नदी में मिट्टी के कलश में तिल अन्य और खरा हल्दी इत्यादि वस्तुओं को मिट्टी कलश में रखकर गंगा नदी में प्रवाहित किया जाता है। इस दिन दान पुण्य करने से पितरों से आशीर्वाद प्राप्त होता है।
यह भी पढ़े : प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़, अबतक 17 लोगों की मौत, 50 से ज्यादा घायल
विवेक रंजन की रिपोर्ट
Highlights



















