Advertisment

झारखंड में खुदरा शराब बिक्री को लेकर फिर बदला फैसला, प्लेसमेंट एजेंसी को मिला एक्सटेंशन

रांची: झारखंड राज्य बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) ने राज्य में खुदरा शराब बिक्री की जिम्मेदारी संभालने की तैयारी कर ली थी और इसके लिए गाइडलाइन भी जारी कर दी गई थी। लेकिन एक सप्ताह के भीतर ही सरकार ने यू-टर्न लेते हुए प्लेसमेंट एजेंसी को एक्सटेंशन दे दिया।

जानकारी के अनुसार, JSBCL ने 30 मार्च को पत्र जारी किया, जिसमें कहा गया कि जब तक राज्य में नई उत्पाद नीति लागू नहीं होती, तब तक खुदरा शराब दुकानों का संचालन प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से ही किया जाएगा। इससे पहले, 25 मार्च को JSBCL ने एक पत्र जारी कर कहा था कि एक अप्रैल से राज्य में खुदरा शराब दुकानों के संचालन के लिए कोई भी प्लेसमेंट एजेंसी लिस्टेड नहीं है। ऐसे में एक अप्रैल से 31 मई तक या फिर नई खुदरा उत्पाद नीति लागू होने तक दैनिक पारिश्रमिक के आधार पर विक्रेताओं की सेवा लेकर शराब दुकानों का संचालन किया जाएगा।

फैसले में बदलाव: प्लेसमेंट एजेंसियों को 30 जून तक एक्सटेंशन

30 मार्च को जारी नए पत्र में कहा गया कि खुदरा शराब दुकानों के संचालन को लेकर JSBCL को अधिकृत करने संबंधी प्रस्ताव को समय पर मंत्रीपरिषद की मंजूरी नहीं मिल सकी। इसके चलते सरकार ने फैसला लिया कि सभी जोनों में कार्यरत प्लेसमेंट एजेंसियों को 30 जून 2025 तक या नई उत्पाद नीति लागू होने तक (जो पहले हो) एक्सटेंशन दिया जाएगा। हालांकि, एजेंसियों को यह शर्त दी गई है कि उन्हें अप्रैल-मई 2025 के लिए निर्धारित बिक्री लक्ष्य को पूरा करना होगा।

25 मार्च से 30 मार्च के बीच बार-बार बदले निर्देश

  • 25 मार्च: JSBCL ने पत्र जारी कर कहा कि 1 अप्रैल से कोई प्लेसमेंट एजेंसी लिस्टेड नहीं है, इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत विक्रेताओं के माध्यम से दुकानों का संचालन होगा।

  • 30 मार्च: नए पत्र में कहा गया कि जब तक नई उत्पाद नीति लागू नहीं होती, तब तक पूर्व से कार्यरत प्लेसमेंट एजेंसियां ही शराब की बिक्री करेंगी।

  • नई व्यवस्था: अब 30 जून 2025 या नई नीति लागू होने तक प्लेसमेंट एजेंसियों को ही शराब दुकानों का संचालन जारी रखने की अनुमति दी गई है।

नई उत्पाद नीति का ड्राफ्ट फरवरी में हुआ था जारी

राज्य सरकार ने जनवरी 2024 से नई उत्पाद नीति लागू करने की तैयारी शुरू कर दी थी। फरवरी के पहले सप्ताह में उत्पाद नीति का ड्राफ्ट जारी कर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई थीं, जिसके लिए 15 दिन का समय दिया गया था। हालांकि, 31 मार्च तक पूरी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके चलते उत्पाद नीति को वित्त, विधि और राजस्व परिषद की मंजूरी के लिए भेजा गया था, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिली है। नई नीति के तहत खुदरा शराब दुकानों का आवंटन बंदोबस्ती प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।

हैंडओवर-टेकओवर के लिए भी जारी हुए थे निर्देश

JSBCL ने 25 मार्च को सभी जिला उत्पाद पदाधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे 1 अप्रैल तक शराब दुकानों का हैंडओवर-टेकओवर पूरा कर लें। इसके तहत राज्य के विभिन्न जोनों में स्थित शराब दुकानों के संचालन की रिपोर्ट देने के लिए कहा गया था। लेकिन अब सरकार के नए फैसले के बाद यह प्रक्रिया रोक दी गई है।

झारखंड में खुदरा शराब बिक्री को लेकर सरकार के फैसले में बार-बार बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले सरकार ने JSBCL के माध्यम से खुदरा बिक्री की योजना बनाई, फिर अचानक प्लेसमेंट एजेंसियों को एक्सटेंशन दे दिया। अब यह देखना होगा कि नई उत्पाद नीति कब तक लागू होती है और शराब दुकानें कब तक पुरानी व्यवस्था के तहत चलती रहेंगी।

Araria Industries Department GM Arrest: अररिया में Vigilance का बड़ा एक्शन,...

Araria Industries Department GM Arrest: भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए, विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने बिहार के अररिया जिले में उद्योग विभाग के जनरल मैनेजर...

Chhatabad Land Subsidence: छाताबाद में भू-धंसान के बाद मेयर संजीव सिंह...

Chhatabad Land Subsidence: बाघमारा ब्लॉक के कतरास पुलिस स्टेशन इलाके में आने वाले छाताबाद में ज़मीन धंसने की घटना के बाद चिंता का माहौल है।...

IGIMS Patna में बड़ा बदलाव: नई मशीनों, ICU और स्पेशल OT...

पटना: IGIMS Patna से पूरे बिहार के मरीजों और उनके परिवार वालों के लिए एक बहुत ही अच्छी खबर है। पटना का मशहूर सरकारी...