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Trikut Ropeway Deoghar: अब बदलेगा देवघर का पर्यटन नक्शा, त्रिकुट रोपवे के लिए शुरू हुई तैयारी

Trikut Ropeway Deoghar: अपनी प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक महत्व और पहाड़ी इलाकों के लिए मशहूर झारखंड, टूरिज्म सेक्टर में अपनी एक नई पहचान बनाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार धार्मिक टूरिज्म के साथ-साथ इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजनाओं पर काम कर रही है। इसी पहल के तहत, देवघर, लातेहार, रामगढ़ और पतरातु जैसे इलाकों को आधुनिक टूरिज्म हब के तौर पर विकसित करने की तैयारी चल रही है। टूरिज्म डिपार्टमेंट का कहना है कि राज्य भर के प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाया जाएगा ताकि घरेलू और विदेशी टूरिस्ट के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल मिल सके।

त्रिकुट रोपवे को फिर से शुरू करने की तैयारी

टूरिज्म डिपार्टमेंट के अनुसार, देवघर के मशहूर त्रिकुट रोपवे—जो लंबे समय से बंद है—को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि, इस बार ऑपरेशन शुरू करने से पहले सभी टेक्निकल और सेफ्टी स्टैंडर्ड्स का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि पिछले हादसे के बाद सुरक्षा को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दी जा रही है; इसलिए, इस प्रक्रिया में कोई जल्दबाजी नहीं की जाएगी। रोपवे के ऑपरेशन के बारे में अंतिम फैसला विस्तृत टेक्निकल जांच और ज़रूरी सुधार कार्य पूरे होने के बाद ही लिया जाएगा।

धार्मिक टूरिज्म के साथ इको-टूरिज्म को बढ़ावा

राज्य सरकार की योजनाएं सिर्फ़ धार्मिक स्थलों के विकास तक ही सीमित नहीं हैं। टूरिज्म डिपार्टमेंट का मकसद देवघर की त्रिकुट पहाड़ी, नंदन पहाड़ी और आस-पास की प्राकृतिक जगहों को इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के तौर पर विकसित करना भी है। कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया जा रहा है ताकि टूरिस्ट अपनी धार्मिक यात्रा के साथ-साथ प्राकृतिक आकर्षणों का भी आनंद ले सकें। डिपार्टमेंट का मानना ​​है कि इससे राज्य में टूरिज्म गतिविधियों का दायरा काफी बढ़ेगा।

कई ज़िलों में नए टूरिज्म प्रोजेक्ट्स शुरू होंगे

टूरिज्म डिपार्टमेंट ने घोषणा की है कि देवघर के अलावा, लातेहार, रामगढ़ और पतरातु में भी टूरिज्म सुविधाओं को बढ़ाने की योजनाएं बनाई जा रही हैं। एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए लातेहार में एक ग्लास ब्रिज बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है—जो राजगीर वाले ब्रिज की तर्ज पर होगा। साथ ही, झारखंड को टूरिस्ट के लिए और आकर्षक डेस्टिनेशन बनाने के लिए अन्य टूरिस्ट स्थलों पर आधुनिक सुविधाएं विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है।

रोपवे बंद होने से प्रभावित हुई स्थानीय आजीविका

स्थानीय लोगों का कहना है कि त्रिकुट रोपवे बंद होने के बाद टूरिज्म गतिविधियां कम हो गईं, जिससे आस-पास के व्यापारियों और टूरिज्म पर निर्भर परिवारों की आमदनी पर असर पड़ा है। उम्मीद है कि सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए रोपवे का संचालन फिर से शुरू होने पर पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। इससे स्थानीय कारोबार, रोज़गार और पर्यटन उद्योग को नई गति मिलने की उम्मीद है।

पर्यटन को मिल सकती है एक नई पहचान

अगर त्रिकूट रोपवे का संचालन फिर से शुरू होता है और प्रस्तावित पर्यटन परियोजनाएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो झारखंड में देवघर समेत कई पर्यटन स्थलों को एक नई पहचान मिल सकती है। इससे धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ इको-टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोज़गार पर सकारात्मक असर पड़ने की संभावना है।

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