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Thursday, February 22, 2024

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बिहार में रामचरितमानस को लेकर गरमाई सियासत

PATNA: बिहार में रामचरितमानस को लेकर सियासत गरमा गई है,

एक ओर जहां जदयू इसके समर्थन में नजर आ रही है तो

बिहार में रामचरितमानस को लेकर गरमाई सियासत

वहीं राजद अलग-थलग दिखाई दे रही है. जदयू की तरफ से राम चरितमानस का वितरण किया गया और पूजा पाठ करके रावण को मारने की बात कही गई तो वहीं बीजेपी की तरफ से हनुमान मंदिर में रामायण पाठ किया जा रहा है. बीजेपी के नेताओं का कहना है कि हम राजद के नेताओं के शुद्धिकरण के लिए यह रामायण पाठ कर रहे हैं.


उपेंद्र कुशवाहा ने आरजेडी पर बोला हमला

बिहार में रामचरितमानस को लेकर गरमाई सियासत


रामचरित मानस पर विवादित बयान के बाद जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने राजद पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि रामायण और राम चरितमानस पर बोलने पर साफ है कि बीजेपी को फायदा पहुंचाने वाला बयान है राम चरितमानस के बारे में बोलना मतलब बीजेपी के फील्ड के पिच पर खेलना हो गया. उसके एजेंडे को आगे बढ़ाना. उन्होंने कहा कि यह बयान बीजेपी को समर्थन करने वाला है. तेजस्वी यादव ने कह दिया था कि जो बीजेपी के समर्थन में बयान दे रहा है वह उनका एजेंट है. सुधाकर सिंह ने भी इससे पहले बयान दिया था.

बिहार के शिक्षा मंत्री के समर्थन में राजद के प्रदेश जगदानंद सिंह सामने आये हैं तो इस पर आरजेडी को कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसे बयान से बीजेपी को फायदा पहुंचाने का काम किया जा रहा है.

बिहार में रामचरितमानस को लेकर गरमाई सियासत

उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष से कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह राजद के पाले में गेंद फेंकते हुए कहा कि अब राष्ट्रीय नेतृत्व को फैसला लेना है. उन्होंने कहा कि जदयू सभी धर्मों को मानते हैं और सभी धर्म उनके लिए एक समान है. राष्ट्रीय जनता दल का शीर्ष नेतृत्व इस पर फैसला लेंगे और वह सक्षम है इस पर फैसला लेने के लिए.


राजद का उपेंद्र कुशवाहा के बयान पर पलटवार

बिहार में रामचरितमानस को लेकर गरमाई सियासत


रामचरित मानस को लेकर वार पलटवार चल रहा है.

उपेंद्र कुशवाहा के आरजेडी के नेताओं को एजेंट बताए जाने पर

राजद ने कहा है कि पहले वह बीजेपी के साथ हमेशा जेडीयू रही है,

बीजेपी के साथ आरजेडी कभी नहीं रहा है. उन्होंने कहा कि

उपेंद्र कुशवाहा को पहले आईना देख लेना चाहिए कि 6 महीना

पहले उनकी पार्टी और वह कहां थे. विरोधी के झांसे में

सहयोगी भी फंस रहे हैं. शिक्षा मंत्री ने कोई भी राम चरितमानस

पर सवाल नहीं खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी वाले बेवजह का विवाद खड़ा किया है.

रिपोर्ट: राजीव कमल

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