Ranchi News: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष श्री बाबूलाल मरांडी ने धान खरीद में हो रही अनियमितता और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने हेतु मुख्यमंत्री को लिखा पत्र.
लिखे गए पत्र में नेता प्रतिपक्ष श्री बाबूलाल मरांडी ने लिखा कि उपर्युक्त विषयक के संदर्भ में आपको अवगत कराना चाहूंगा कि पिछले वर्ष कृषकों के हित में सरकार द्वारा चलाई जा रही धान अधिप्राप्ति योजनान्तर्गत गुमला जिला में कृषकों से धान खरीददारी की गई थी, लेकिन जिला आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, लैम्पस अध्यक्ष व सचिव, राज्य खाद्य निगम में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटर सोनू कुमार वर्मा द्वारा मिलीभगत कर वास्तविक कृषकों को लाभ न पहुंचाकर बिचौलियों अथवा अपने जान-पहचान के लोगों को लाभान्वित किया गया एवं E-Uparjan Portal निबंधित कृषकों का अंचल से भूमि सत्यापन किए बगैर जिला आपूर्ति पदाधिकारी गुमला के द्वारा कृषकों को भुगतान कर दिया गया.
तो चलिए जानते हैं उन्होंने पत्र में आगे क्या-क्या लिखा है.
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Ranchi News: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने लिखा पत्र
माननीय मुख्यमंत्री जी,
विषय:- कृषक हित में राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजना धान अधिप्राप्ति योजनान्तर्गत गुमला जिला में लैम्पस द्वारा धान खरीददारी में हुए अनियमिताओं के जांच प्रतिवेदन के आलोक में दोषी पदाधिकारी एवं कर्मचारियों पर FIR कर कड़ी कार्रवाई करने एवं इस वर्ष में हो रहे धान खरीददारी में पारदर्शिता बरतने के सम्बन्ध में.
उपर्युक्त विषय के संदर्भ में आपको अवगत कराना चाहूंगा कि पिछले वर्ष कृषकों के हित में सरकार द्वारा चलाई जा रही धान अधिप्राप्ति योजनान्तर्गत गुमला जिला में कृषकों से धान खरीददारी की गई थी, लेकिन जिला आपूर्त्ति पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, लैम्प्स अध्यक्ष व सचिव, राज्य खाद्य निगम में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटर सोनू कुमार वर्मा द्वारा मिलीभगत कर वास्तविक कृषकों को लाभ न पहुंचाकर बिचौलियों अथवा अपने जान-पहचान के लोगों को लाभान्वित किया गया एवं E-Uparjan Portal निबंधित कृषकों का अंचल से भूमि सत्यापन किए बगैर जिला आपूर्त्ति पदाधिकारी गुमला के द्वारा कृषकों को भुगतान कर दिया गया.
जब इस गंभीर मामले को वास्तविक किसानों द्वारा उपायुक्त गुमला को आवेदन देकर इसकी जांच कराने का आग्रह किया गया. तद्नुसार उपायुक्त गुमला ने इसकी जांच हेतु अपर समाहर्त्ता की अध्यक्षता में कमिटी गठित कर धान खरीददारी में हुई अनियमितता की जांच कराई एवं जांच प्रतिवेदन में यह तथ्य सामने आया कि धान खरीददारी में भारी अनियमितता हुई है. जिसमें जिला आपूर्ति पदाधिकारी, लैम्प्स सचिव एवं राज्य खाद्य निगम में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर सोनू कुमार वर्मा की संलिप्तता से यह घोटाला किया गया है.
जांच प्रतिवेदन में इन पदाधिकारी एवं कर्मचारियों पर विलम्बन एवं कार्रवाई करने की अनुशंसा की गई, लेकिन अब तक इन भ्रष्ट पदाधिकारी एवं कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और आज भी कंप्यूटर ऑपरेटर अपने पद पर बने रहकर अनियमितता कर रहे हैं, जो गंभीर मामला है. जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि गुमला जिला के पालकोट अंचल के विभिन्न लैम्पसों में धान खरीददारी में भारी अनियमितता बरती गई है.
लाभुक कृषक के नाम वास्तविक जमीन के रकवे को अधिक दिखाकर धान खरीददारी की गई, इस तरह प्रति क्विंटल लगभग 600-700 रुपये का गबन किया गया. जबकि किसान बाजार में 1600 से 1700 रुपये/प्रति क्विंटल धान बेच देते हैं चूंकि सरकार समय पर धान किसानों से नहीं खरीदती है. जांच प्रतिवेदन में लाभुक किसानों के नाम निबंधित जमीन और उनके नाम पर धान खरीददारी की मात्रा अंकित है, जिसमें इनलोगों द्वारा गड़बड़ियां की गई, जो पत्र के साथ संलग्न है.
गंभीर बात है कि लाभुक किसानों के नाम वास्तविक जमीन रकवा में उलटफेर कर उनके नाम पर खरीददारी दिखाकर एक-एक अंचल में करोड़ों रूपये का गबन किया गया है.
मुझे पूरे प्रदेशभर के किसानों द्वारा जानकारियां मिल रही है कि हरेक जिला में कमोबेश ऐसा ही घोटाला किया जा रहा है और इसमें जिला आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, लैम्प्स/पैक्स सचिव, एवं कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका है. ऐसा प्रतीत होता है कि इतनी बड़ी साजिश राज्य के शीर्षस्थ पदाधिकारी या सरकार में बैठे नेतृत्व के बिना यह संभव नहीं है.
अतएव मैं, आपसे मांग करता हूं कि गुमला जिला में धान खरीददारी में हुए अनियमितता की जांच कमिटि द्वारा प्रेषित जांच प्रतिवेदन के आलोक में दोषी पदाधिकारी एवं कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त की जाए एवं पूरे राज्य में इस वर्ष आज से धान खरीददारी में पारदर्शिता रहे, इसके लिए सक्षम पदाधिकारी को जिम्मेवारी देकर इसकी निगरानी की जाए ताकि वास्तविक लाभुक किसानों को उनके नाम अंकित जमीन के अनुपात में अंचल से सत्यापन कराकर धान खरीददारी हो एवं बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो.
सधन्यवाद!
संलग्नक:- यथोक्त.
भवदीय
(बाबूलाल मरांडी)
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