Ranchi PC PNDT Ultrasound Centres: झारखंड की राजधानी रांची में जिला सलाहकार समिति (PC & PNDT) की बैठक शनिवार को आयोजित की गई। बैठक में अल्ट्रासाउंड सेंटरों के निबंधन और नवीनीकरण के साथ चिकित्सकों की ज्वाइनिंग, यूएसजी मशीनों की खरीद और शिफ्टिंग समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में समिति ने जांच और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 13 नए अल्ट्रासाउंड सेंटरों के निबंधन को मंजूरी दी। वहीं, तीन सेंटरों के लाइसेंस के रिन्यूअल को भी स्वीकृति प्रदान की गई। समिति ने अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित निगरानी बढ़ाने और नियमों का उल्लंघन करने वाले सेंटरों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
13 नए सेंटरों के निबंधन को मिली मंजूरी
PC-PNDT समिति की बैठक में अल्ट्रासाउंड सेंटरों के निबंधन और नवीनीकरण के लिए प्राप्त आवेदनों पर विस्तार से विचार किया गया। आवश्यक जांच और प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 13 नए सेंटरों को निबंधन की अनुमति दी गई। इसके अलावा तीन मौजूदा अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस का नवीनीकरण भी मंजूर किया गया। विभिन्न संस्थानों में यूएसजी मशीनों से संबंधित फॉर्म-बी में प्रविष्टि और चिकित्सकों के प्रमाणपत्रों की जांच के बाद उनकी ज्वाइनिंग को भी समिति ने अनुमोदन दिया। बैठक में यूएसजी मशीनों की खरीद और शिफ्टिंग से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई।
Garima Portal पर डॉक्टरों की जानकारी अपलोड करने का निर्देश
समिति ने चिकित्सकों की नियुक्ति और ज्वाइनिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने पर जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि चिकित्सकों की ज्वाइनिंग से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी समय पर Garima Portal पर अपलोड की जाए। समिति के अनुसार, डिजिटल रिकॉर्ड को नियमित रूप से अपडेट रखने से चिकित्सकों की नियुक्ति और संबंधित दस्तावेजों की निगरानी अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी। इससे निरीक्षण और सत्यापन की प्रक्रिया में भी सुविधा होगी।
अल्ट्रासाउंड सेंटरों का होगा नियमित निरीक्षण
बैठक में अल्ट्रासाउंड सेंटरों की निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। समिति ने संबंधित अधिकारियों को सभी सेंटरों का निर्धारित अंतराल पर नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों में PC-PNDT अधिनियम के प्रावधानों का पालन हो रहा है या नहीं। समिति ने स्पष्ट किया कि यदि किसी सेंटर में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य अवैध जांच और गर्भस्थ शिशु के लिंग चयन जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखना है।
लिंग चयन जैसी अवैध गतिविधियों पर रोक पर जोर
बैठक में PC-PNDT अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े प्रशासनिक और तकनीकी पहलुओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने कहा कि गर्भस्थ शिशु के लिंग चयन जैसी अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए कानून का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसके लिए अल्ट्रासाउंड सेंटरों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने और समय-समय पर निरीक्षण करने पर जोर दिया गया। समिति ने संबंधित अधिकारियों को नियमों के अनुपालन की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
बैठक में डीसी समेत कई अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, उप विकास आयुक्त संजय कुमार भगत, प्रशिक्षु आईएएस आस्था शरण, सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद, जिला सलाहकार समिति के सदस्य, PC-PNDT को-ऑर्डिनेटर और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में अधिकारियों ने कहा कि PC-PNDT अधिनियम के प्रावधानों को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर निगरानी जारी रहेगी। अल्ट्रासाउंड सेंटरों के निबंधन, नवीनीकरण, चिकित्सकों की ज्वाइनिंग और मशीनों से जुड़े रिकॉर्ड को भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत अद्यतन रखने पर जोर दिया गया। समिति की ओर से लिए गए फैसलों का उद्देश्य रांची जिले में अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालन को नियमों के अनुरूप बनाए रखना और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है।


















