Giridih Teacher Day Celebration 2026: शिक्षक दिवस के अवसर पर गिरिडीह जिले में शिक्षकों के सम्मान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कहीं वरिष्ठ शिक्षक-शिक्षिकाओं को शॉल और पौधे देकर सम्मानित किया गया, तो कहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की गई। लायंस क्लब ऑफ गिरिडीह एलिट की ओर से किरण पब्लिक स्कूल में पांच वरिष्ठ शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। वहीं, बेंगाबाद प्रखंड के करमाटांड़ स्थित के. एन. बक्शी कॉलेज ऑफ एजुकेशन में भी शिक्षक दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। दोनों कार्यक्रमों में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण और जीवन को सही दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर याद किया गया शिक्षकों का योगदान
हर वर्ष 5 सितंबर को देश के महान शिक्षक, दार्शनिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस के रूप में मनाई जाती है। इस दिन देशभर में शिक्षकों के योगदान को याद किया जाता है और विद्यार्थियों के जीवन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया जाता है। इसी क्रम में गिरिडीह में भी शिक्षक दिवस के अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों के दौरान वक्ताओं ने गुरु-शिष्य परंपरा और समाज निर्माण में शिक्षकों की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
किरण पब्लिक स्कूल में पांच वरिष्ठ शिक्षक-शिक्षिकाओं का सम्मान
गिरिडीह शहरी क्षेत्र के कोलडीहा स्थित किरण पब्लिक स्कूल में लायंस क्लब ऑफ गिरिडीह एलिट की ओर से शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर की गई। इसके बाद विद्यालय के पांच वरिष्ठ शिक्षक-शिक्षिकाओं को शॉल और पौधे देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके योगदान को याद किया गया। लायंस क्लब के रीजन चेयरपर्सन लायन धर्म प्रकाश ने कहा कि शिक्षक केवल पुस्तकों का ज्ञान देने तक सीमित नहीं होते। वे विद्यार्थियों को जीवन जीने की कला सिखाते हैं और सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चे को जन्म देते हैं, लेकिन शिक्षक उसके व्यक्तित्व को गढ़ने और उसे बेहतर इंसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और सही सोच के महत्व से भी परिचित कराते हैं। लायंस क्लब के अध्यक्ष लायन राहुल वर्मन ने कहा कि जीवन में मिलने वाली सफलताओं के पीछे शिक्षकों के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षक विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ जीवन के संघर्षों का सामना करना और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ना भी सिखाते हैं।
के. एन. बक्शी कॉलेज ऑफ एजुकेशन में सांस्कृतिक कार्यक्रम
शिक्षकों के सम्मान का सिलसिला बेंगाबाद प्रखंड के करमाटांड़ स्थित के. एन. बक्शी कॉलेज ऑफ एजुकेशन में भी देखने को मिला। यहां शिक्षक दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्राचार्य, प्राध्यापक और प्रशिक्षणार्थियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजीत कुमार सिंह ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन महान शिक्षक और दार्शनिक थे। उनके सम्मान में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि यह दिन देश के उन सभी शिक्षकों के समर्पण और योगदान को सम्मान देने का अवसर है, जो विद्यार्थियों को ज्ञान देने के साथ समाज निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन में मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं। शिक्षक द्वारा दिया गया ज्ञान और संस्कार विद्यार्थियों के भविष्य को आकार देता है तथा उनमें अनुशासन, जिम्मेदारी और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में मदद करता है।
प्रशिक्षणार्थियों ने प्रस्तुत किए सांस्कृतिक कार्यक्रम
शिक्षक दिवस के अवसर पर कॉलेज में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। प्रशिक्षणार्थियों ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षक दिवस के महत्व और गुरु-शिष्य संबंध को अभिव्यक्त किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में ज्ञान प्रकाश, अभिषेक, गौतम, सतीश और सार्थक समेत अन्य प्रशिक्षणार्थियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज परिसर में उत्साह का माहौल रहा। कार्यक्रम में प्रो. मुकेश सुमन, डॉ. शंकर सिंह, प्रो. बिनोद कुमार सुमन, प्रो. नूतन शर्मा, प्रो. सिंदबाद अंसारी, प्रो. अमीषा सिंह और राजेश कुमार समेत अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। प्रशिक्षणार्थियों में अंजली आनंद, आशा कुमारी, रोशनी, ऋषभ कुमार, ललिता सोरेन और नीतीश कुमार सहित कई छात्र-छात्राएं शामिल हुए। कार्यक्रम का स्वागत भाषण प्रो. नूतन शर्मा ने दिया, जबकि मंच संचालन अभिषेक कुमार ने किया।
दोनों कार्यक्रमों का संदेश एक ही रहा कि शिक्षक समाज की मजबूत नींव हैं। वे विद्यार्थियों को ज्ञान देने के साथ संस्कार, अनुशासन और जीवन की सही दिशा प्रदान करते हैं। शिक्षकों के सम्मान में आयोजित इन कार्यक्रमों ने गुरु के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की परंपरा को और मजबूत किया। शिक्षक दिवस के अवसर पर गिरिडीह में हुए इन आयोजनों के माध्यम से समाज और विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को विशेष रूप से याद किया गया।
रिपोर्ट : अमित कुमार, गिरिडीह


















