रांची: आनंदविहार-पुरी नीलांचल एक्सप्रेस का ओवर हेड तार टूट कर गिरने के मामले में कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी की ओर से जांच की रिपोर्ट सौप दी गई है।
रिपोर्ट में रांची रेल डिवीजन की बड़ी लापरवाही समेत कई खामियां सामने आई हैं। जांच में पता चला है- घटना के 30 मिनट बाद डीआरएम ऑफिस में हूटर बजा, क्योंकि हूटर बजाने के लिए जो बिजली का कनेक्शन था, वह डिस्कनेक्ट था।
इसके अलावा घटनास्थल पर जाने के लिए एक्सीडेंटल रिलीफ ट्रेन को 15 मिनट में रवाना हो जाना चाहिए था, लेकिन ट्रेन को रवाना होने में 45 मिनट का समय लगा।

नीलांचल एक्सप्रेस हादसा –
एक्सीडेंटल रिलीफ ट्रेन जब रांची से रवाना हुई, तो रास्ते में दो जगह ब्रेक बाइंडिंग (रास्ते में ही खराब) हो गया। इस कारण अब रिलीफ ट्रेन के मेंटेनेंस पर भी सवाल उठने लगे हैं।
इन्हीं कारणों से एक्सीडेंटल रिलीफ ट्रेन समय पर नहीं पहुंच पाई और मुरी- चांडिल रेलखंड पर 2 घंटे से ज्यादा समय तक ट्रेन रुकी रही। रांची डिवीजन में अधिकारियों के बीच समन्वय और सही समय पर निर्णय नहीं लेने से ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई।


















