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Ranchi University PhD Admission Crisis: 2374 छात्रों की फीस अटकी, दो साल से नहीं हुई प्रवेश परीक्षा

रांची विश्वविद्यालय में पीएचडी एडमिशन को लेकर 2374 अभ्यर्थी दो साल से परेशान हैं। 47.48 लाख रुपये फीस लेने के बाद भी न परीक्षा हुई, न फीस वापसी।


Ranchi University PhD Admission Crisis रांची: रांची में Ranchi University प्रशासन की लापरवाही के कारण 2374 पीएचडी अभ्यर्थी पिछले दो वर्षों से असमंजस की स्थिति में हैं। विश्वविद्यालय ने सत्र 2024-25 के तहत 463 सीटों पर पीएचडी एडमिशन के लिए नवंबर 2024 में आवेदन आमंत्रित किया था।

प्रत्येक अभ्यर्थी से 2000 रुपये आवेदन शुल्क लेकर कुल 47.48 लाख रुपये जमा भी कर लिए गए, लेकिन अब तक न तो प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई और न ही छात्रों की फीस वापस की गई। इससे छात्रों में भारी नाराजगी है।


Key Highlights:

• रांची विवि के 2374 पीएचडी अभ्यर्थी दो वर्षों से असमंजस में

• 463 सीटों के लिए नवंबर 2024 में आवेदन मांगे गए थे

• विश्वविद्यालय ने 47.48 लाख रुपये आवेदन शुल्क जमा कर लिया

• अब तक न प्रवेश परीक्षा हुई, न फीस वापस की गई

• यूजीसी गाइडलाइन 2022 और राज्यपाल के निर्देश के बाद प्रक्रिया रुकी


Ranchi University PhD Admission Crisis: दो साल से परीक्षा नहीं, छात्र लगातार कर रहे मांग

छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों ने कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लगातार इंतजार कर रहे हैं, लेकिन न परीक्षा की तारीख तय हो रही है और न ही एडमिशन प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

इससे बड़ी संख्या में शोधार्थियों का शैक्षणिक भविष्य अधर में लटक गया है। कई छात्र अब फीस वापसी की मांग भी उठा रहे हैं।

Ranchi University PhD Admission Crisis: राज्यपाल के निर्देश के बाद लगी रोक

अगस्त 2025 में राज्यपाल Santosh Kumar Gangwar के निर्देश के बाद पीएचडी प्रवेश परीक्षा पर रोक लगा दी गई थी। निर्देश में कहा गया था कि विश्वविद्यालय को University Grants Commission (यूजीसी) गाइडलाइन 2022 के तहत ही पीएचडी में नामांकन लेना होगा।

नई व्यवस्था के अनुसार पीएचडी में एडमिशन केवल प्रवेश परीक्षा के आधार पर नहीं, बल्कि NET और JET के आधार पर भी किया जाना है। इसी कारण पूरी प्रक्रिया रोक दी गई और मामला लंबित हो गया।

Ranchi University PhD Admission Crisis: विश्वविद्यालय ने कमेटी गठन की बात कही

इस मामले में विश्वविद्यालय की पीआरओ डॉ. स्मृति सिंह ने कहा कि विषय को कुलपति के संज्ञान में दे दिया गया है। साथ ही लोकभवन से भी आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि एक कमेटी गठित कर शीघ्र ही मामले का निबटारा किया जाएगा। हालांकि छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से केवल आश्वासन ही सुन रहे हैं।

Ranchi University PhD Admission Crisis: विभिन्न विषयों में 463 सीटें थीं निर्धारित

विश्वविद्यालय ने इतिहास, हिंदी, मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, भूगोल, बॉटनी, केमिस्ट्री, कॉमर्स, फिजिक्स, जूलॉजी, संस्कृत, उर्दू, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र और अन्य विषयों में कुल 463 सीटें निर्धारित की थीं।

हिंदी में 52, मनोविज्ञान में 51, गृह विज्ञान में 44, इतिहास में 37 और अर्थशास्त्र में 33 सीटें थीं। इसके बावजूद पूरी प्रक्रिया अब तक अधर में लटकी हुई है।

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