Ranchi Water Supply Crisis: 54 साल पुरानी पाइपलाइन से बढ़ी परेशानी, नई योजना फिर लेट

 रांची की नई शहरी जलापूर्ति योजना तीसरी बार टली। 54 साल पुरानी पाइपलाइन से लोगों को पानी संकट, ड्राई जोन इलाकों में बढ़ी परेशानी।


Ranchi Water Supply Crisis रांची: राजधानी रांची की सबसे बड़ी शहरी जलापूर्ति योजना विभागीय शिथिलता के कारण अब दम तोड़ती नजर आ रही है। शहर की प्यास बुझाने के लिए शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना का प्रथम चरण 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है, लेकिन अंतिम 10 प्रतिशत काम अब भी अधूरा है। इसी वजह से वर्षों से लोग बेहतर जलापूर्ति का इंतजार कर रहे हैं।

नगर विकास विभाग ने वर्ष 2019 में नई शहरी जलापूर्ति योजना पर काम शुरू किया था। पहले इसकी डेडलाइन 2024 तय की गई, फिर 2025 तक बढ़ाई गई और अब तीसरी बार 2026 तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बावजूद इसके, इस वर्ष भी योजना पूरी होने की संभावना कम दिखाई दे रही है।

Ranchi Water Supply Crisis: 10 किमी राइजिंग लाइन का काम एनओसी के कारण अटका

योजना के तहत केवल तिलता मोड़ से पिस्का मोड़ तक 10 किलोमीटर राइजिंग लाइन का काम शेष है। इस हिस्से में पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क की खुदाई करनी पड़ेगी, जिसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी National Highways Authority of India (NHAI) से एनओसी आवश्यक है।

अब तक यह एनओसी नहीं मिल पाया है, जिससे पूरा प्रोजेक्ट अटका हुआ है। नोडल एजेंसी जुडको भी इस बाधा को दूर कर समय पर काम पूरा करने में सफल नहीं हो सकी है।


Key Highlights:

• रांची शहरी जलापूर्ति योजना का 90 प्रतिशत काम पूरा

• तिलता मोड़ से पिस्का मोड़ तक 10 किमी राइजिंग लाइन बाकी

• एनएचएआई से एनओसी नहीं मिलने से काम अटका

• 54 साल पुराना रूक्का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बना परेशानी

• ड्राई जोन इलाकों में पानी संकट से लोग परेशान


Ranchi Water Supply Crisis: 54 साल पुरानी पाइपलाइन से हर दिन बढ़ रही परेशानी

रांची शहर की जलापूर्ति अभी भी रूक्का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और पाइपलाइन नेटवर्क पर निर्भर है, जो लगभग 54 साल पुराना हो चुका है। जर्जर पाइपलाइन में आए दिन लीकेज की समस्या सामने आती है, जिससे कई इलाकों में दो से तीन दिनों तक पानी की आपूर्ति बाधित हो जाती है।

पाइपलाइन फटने और लीकेज के कारण लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। गर्मी के मौसम में यह संकट और भी गंभीर हो जाता है, जब पानी की मांग बढ़ जाती है।

Ranchi Water Supply Crisis: ड्राई जोन इलाकों में सबसे अधिक संकट

रातू रोड, हरमू, पिस्का मोड़, कांके रोड, किशोरगंज, आनंद नगर, मधुकम और पहाड़ी टोला जैसे कई इलाके शहर के ड्राई जोन में आते हैं। इन क्षेत्रों में एक दिन भी पानी की आपूर्ति बाधित होने पर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

मार्च और अप्रैल के दौरान इन इलाकों में भूजल स्तर काफी नीचे चला जाता है और कई बोरिंग भी सूख जाते हैं। ऐसे में लोग पूरी तरह जलापूर्ति योजना पर निर्भर हो जाते हैं।

यदि नई शहरी जलापूर्ति योजना समय पर शुरू हो जाती है, तो इन ड्राई जोन क्षेत्रों के लाखों लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल लोग केवल इंतजार कर रहे हैं, जबकि हर गर्मी के साथ उनकी मुश्किलें और बढ़ती जा रही हैं।

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