कटिहारः कटिहार, नगर निगम की ओर से कोशी नदी पर बने मुक्तिधाम घाट का कायाकल्प कर सोहन बस्फोर शहर में चर्चा का विषय बन गए है. अपने जवान बेटे की मौत पर एक माता-पिता ने वह काम किया, जिसको याद कर आप की आंखों में भी आंसू आ जाएंगे.
बेटे की मौत के बाद बदल डाल मुक्तिधाम का हुलिया
दरअसल, कोशी नदी तट पर बने मुक्तिधाम में घाट में सोहन बस्फोर के बेटे मनोज मोहन 32 साल से काम करता था, 5 साल पहले एक दिन अचानक मनोज को मुक्तिधाम में ही दिल का दौरा आया और उसकी मौत हो गई.
मनोज मोहन की मौत के बाद मनोज के पिता सोहन बस्फोर ने मुक्तिधाम के जर्जर हालात को बदलने का सपना देखा. इसके लिए सरकारी अधिकारियों से लेकर नेताओं का खूब चक्कर लगाया, मगर कहीं से भी कोई मदद नहीं मिली.

निराश हो सोहन बस्फोर ने अपनी पत्नी मां सरस्वती देवी से दिल की बात की और अपने दम पर मुक्तिधाम को कायाकल्प करने का निर्णय लिया. इस प्रकार अपनी गाढ़ी कमाई का 65 हजार रुपये मुक्तिधाम के कायाकल्प में लगा दिया.
सोहन बस्फोर कहते हैं कि यदि लगाया गया रुपया वापस मिलता है तो ठीक नहीं तो कोई बात नहीं. स्थानीय युवाओं का कहना है कि एक बेहद निर्धन समाज से आने वाले सोहन बस्फोर और सरस्वती देवी की यह सोच काबिले तारीफ है.
रिपोर्टः श्याम
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