RIMS Ranchi News: रिम्स के डॉक्टरों को 1 घंटे की छूट! प्रभारी निदेशक का बड़ा फैसला, निजी प्रैक्टिस पर भी सख्त चेतावनी

RIMS Ranchi News: रिम्स (राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज) के कार्यवाहक निदेशक डॉ. डी.के. सिन्हा ने पद संभालते ही कई अहम प्रशासनिक फैसले लिए हैं। उन्होंने सीनियर और जूनियर डॉक्टरों की OPD ड्यूटी के समय में एक घंटे तक की व्यावहारिक छूट की घोषणा की। साथ ही, प्राइवेट प्रैक्टिस को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने साफ किया कि सभी डॉक्टरों को सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच RIMS की सेवाओं के लिए पूरी तरह समर्पित रहना होगा।

ट्रैफिक जाम के बीच डॉक्टरों को थोड़ी राहत

शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए कार्यवाहक निदेशक डॉ. डी.के. सिन्हा ने कहा कि रांची में अक्सर ट्रैफिक जाम और गाड़ियों से जुड़ी समस्याएं होती हैं। इसलिए, अगर कोई डॉक्टर सुबह 9:30 या 10:00 बजे तक OPD पहुंचता है, तो एक-दो दिन के लिए इसे स्वीकार किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अगर कोई डॉक्टर लगातार एक हफ्ते तक देर से आता है, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी डॉक्टरों और RIMS स्टाफ के लिए तय ड्यूटी के समय का पालन करना अनिवार्य है।

प्राइवेट प्रैक्टिस को लेकर सख्त चेतावनी

कार्यवाहक निदेशक ने प्राइवेट प्रैक्टिस को लेकर भी साफ संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक का समय सिर्फ RIMS के मरीजों के लिए है। इस दौरान प्राइवेट क्लिनिक का काम या प्राइवेट प्रैक्टिस करना नियमों का उल्लंघन है। अगर किसी डॉक्टर के खिलाफ ठोस सबूत मिलते हैं, तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

मरीजों की सुविधा के लिए बंद गेट खुलेगा

डॉ. सिन्हा ने घोषणा की कि SBI ब्रांच के पास वाला गेट दिन के समय खोला जाएगा। इससे बरियातू पुलिस स्टेशन की तरफ से आने वाले मरीजों और उनके साथ आने वाले लोगों को अस्पताल पहुंचने में काफी आसानी होगी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों से रात में गेट बंद रहेगा, लेकिन एम्बुलेंस आने पर ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी तुरंत उसे खोल देंगे।

अस्पताल में अब जरूरी सामान उपलब्ध

पहले RIMS में इलाज करा रहे मरीजों को रूई, जाली (gauze) और सिरिंज जैसी जरूरी चीजें बाहर से खरीदनी पड़ती थीं। इस पर चिंता जताते हुए कार्यवाहक निदेशक ने कहा कि RIMS आने वाले ज्यादातर मरीज आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के होते हैं। ऐसे मरीजों को छोटी-मोटी मेडिकल सप्लाई खुद खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह पक्का करें कि अस्पताल में दवाइयों और सर्जिकल सामान का पर्याप्त स्टॉक हमेशा बना रहे, ताकि मरीज़ों को बाहर से सामान न खरीदना पड़े।

मीडिया के लिए नई व्यवस्था

प्रभारी निदेशक ने बताया कि जनसंपर्क अधिकारी (PRO) रोज़ शाम 5 बजे मीडिया को सही और समय पर जानकारी देने के लिए उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से यह भी अपील की कि वे अपनी रिपोर्टिंग के दौरान यह ध्यान रखें कि मरीज़ों के इलाज या डॉक्टरों के काम में कोई अनावश्यक रुकावट न आए।

दिन भर शुभचिंतकों का तांता लगा रहा

शनिवार को प्रभारी निदेशक का पद संभालने के बाद, वरिष्ठ डॉक्टरों, कनिष्ठ डॉक्टरों, स्टाफ़ सदस्यों और अन्य लोगों का RIMS कार्यालय में दिन भर आना-जाना लगा रहा और वे उन्हें बधाई देते रहे। सुबह से शाम तक बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने आए।

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