रांची: RRDA – नगर निगम क्षेत्र के बाहर तेजी से बसावट हो रही है। पिछले दो-तीन सालों में रांची रिंग रोड के चारों ओर जमीन की प्लॉटिंग, निजी घर और व्यवसायिक भवनों का निर्माण धड़ल्ले से हुआ है।
इसमें मात्र पांच प्रतिशत भवन ऐसे हैं, जिनका नक्शा रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (आरआरडीए) से स्वीकृत हुआ है। 95 प्रतिशत भवनों का निर्माण RRDA से नक्शा पास कराए बिना किया गया है।
जमीन की खरीद-बिक्री भी बिना ले-आउट प्लान पास कराए हो रही है। इसे देखते हुए आरआरडीए ने सख्ती करना शुरू कर दिया है। प्राधिकार क्षेत्र में निजी मकान, अपार्टमेंट, व्यवसायिक भवन, स्कूल- कॉलेज, अस्पताल, गोदाम का निर्माण बिना परमिशन हुआ तो केस दर्ज होगा।
प्राधिकार के उपाध्यक्ष ने बिना नक्शा के बन रहे भवनों पर अवैध निर्माण का केस दर्ज करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा जमीन के धंधे से जुड़े डेवलपर ब्रोकर को आरआरडीए के बिल्डिंग प्लान एप्रूवल मैनेजमेंट सिस्टम (बीपीएएमएस) से जमीन का ऑनलाइन ले-आउट प्लान स्वीकृत कराने का निर्देश दिया है।
इसके बाद ही वे जमीन बेच पाएंगे। अगर कोई डेवलपर – ब्रोकर बिना ले-आउट प्लान स्वीकृत कराए जमीन की प्लॉटिंग करके बेचता है तो उस पर प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी। आरआरडीए उपाध्यक्ष ने बड़े प्लॉट की प्लॉटिंग की भी जांच करने के लिए कहा है।


















