सीतामढ़ी: एक महीने तक चलने वाला भाई बहन के पर्व सामा चकबा समाप्त हो गया है। सीतामढ़ी में भी बहनों ने अपनी भाई की लंबी उम्र की कामना के साथ सामा चकबा धूमधाम से मनाया। वहीं इस पर्व के अवसर पर सीतामढ़ी में सामाजिक संस्था और पूर्व जवानों ने एक कार्यक्रम आयोजित की और सामा चकबा खेलने वाली बहनो को पुरस्कृत भी किया। इस अवसर पर समाजसेवी डॉ प्रतिमा आनंद ने बताया कि सामा चकवा एक ऐसा पर्व है जिसे बहन अपनी भाइयो की लंबी उम्र के लिए मनाती हैं।
इसके साथ ही यह पर्व सामाजिक कुरीतियों को भी दूर करता है। यह पर्व किसी एक समाज के लिए नहीं बल्कि सभी समाज के लोगों के लिए है। इसमें महिलाएं लोकगीत गाती हैं। आर्मी के पूर्व पदाधिकारी अनिल कुमार ने कहा कि हमलोगों का प्रयास है कि सामा चकवा गांव में जीवित रहे। शहरों में इसे लोग अब नहीं मनाते हैं। सामा चकवा के अवसर पर पुरस्कार पा कर बहनें बहुत खुश हो गई।
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सीतमढ़ी से अमित कुमार की रिपोर्ट
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