Snake Venom Network  : पलामू में 1200 ग्राम सांप का जहर और पैंगोलिन स्कल बरामद, जहर की जांच देहरादून भेजी गई, इंटरनेशनल की परतें खुलीं

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Snake Venom Network  : पलामू में 1200 ग्राम सांप का जहर और पैंगोलिन स्कल बरामद, जहर की जांच देहरादून भेजी गई, इंटरनेशनल की परतें खुलीं
Snake Venom Network  : पलामू में 1200 ग्राम सांप का जहर और पैंगोलिन स्कल बरामद, जहर की जांच देहरादून भेजी गई, इंटरनेशनल की परतें खुलीं
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Snake Venom Network  पलामू : नवंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में पलामू जिले में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो और वन विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर करीब 1200 ग्राम सांप का जहर बरामद किया था। इसी कार्रवाई के दौरान पैंगोलिन का स्कल भी जब्त किया गया था। यह जहर अब जांच के लिए देहरादून स्थित वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट भेजा गया है, जहां वैज्ञानिक परीक्षण के बाद इसकी प्रजाति, क्षमता और उम्र का खुलासा होगा।

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Snake Venom Network  :जहर की वैज्ञानिक जांच से खुलेगा बड़ा राज

वन विभाग के अनुसार, जब्त किए गए सांप के जहर को विशेष सुरक्षा के साथ जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि जहर किस प्रजाति के सांप का है, इसकी विषाक्तता कितनी अधिक है और इसे कितने समय पहले निकाला गया था। अधिकारियों का मानना है कि यह रिपोर्ट पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाएगी।


Key Highlights

  • पलामू में पहली बार 1200 ग्राम सांप का जहर बरामद

  • पैंगोलिन का स्कल भी कार्रवाई के दौरान जब्त

  • जहर की जांच के लिए सैंपल देहरादून भेजा गया

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 80 करोड़ रुपये

  • झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ तक फैला तस्करी नेटवर्क


Snake Venom Network  :80 करोड़ की कीमत और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन

जहर की बरामदगी के समय अधिकारियों ने बताया था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 80 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जिस कंटेनर में जहर रखा गया था, उस पर फ्रांस की एक कंपनी का लोगो लगा हुआ था। इससे इस तस्करी नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले होने के संकेत मिले हैं।

Snake Venom Network  :झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ तक फैला नेटवर्क

वन विभाग की प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि सांप का जहर स्थानीय स्तर पर ही इकट्ठा किया गया था। इसका नेटवर्क झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों से जुड़ा हुआ है। हरिहरगंज और बिहार के औरंगाबाद जिले के देव इलाके में की गई छापेमारी में कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। मामले की जांच आईएफएस अधिकारी नवनीत कर रहे हैं और लगातार अलग-अलग इलाकों में छापेमारी जारी है।


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