विशाल के ठिकानों से ईडी को मिले अफसरों की काली कमाई के सबूत
रांची : दस दिन पहले विशाल ने 10 करोड़ का किया ट्रांजेक्शन- निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल के
खिलाफ मनी लांड्रिंग मामले में अनुसंधान कर रही ईडी की टम अपनी अपनी जांच का दायरा बढ़ा लिया है.
नौकरशाहों की काली कमाई निशाने पर है.
इसी कड़ी में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार-झारखंड के
आधा दर्जन ठिकानों पर ईडी ने एक साथ छापा मारा.
छापेमारी में नकद रुपयों के अलावा करोड़ों के ट्रांजेक्शन से संबंधित दस्तावेज मिले हैं, जिसकी छानबीन की जा रही है.
पूजा सिंघल और सीए सुमन से पूछताछ में मिली जानकारी
निलंबित आईएएस पूजा सिंघल और उनके सीए सुमन कुमार से मिले
इनपुट के अलावा पाकुड़ दुमका व साहिबगंज के डीएमओ से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर ही
ईडी ने मंगलवार को छापेमारी की. छापेमारी में ईडी को ऐसे दस्तावेज मिले हैं
जिससे यह पता चलता है कि दस दिन पहले विशाल ने 10 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन किया है.
किसे कितनी राशि दी, कहां-कहां से रुपए आए और कहां-कहां स्थानांतरित हुए,
उससे संबंधित कागजात ईडी को मिले हैं, जिसकी छानबीन की जा रही है.
माना जा रहा है कि यह काला धन हे और पूजा सिंघल के ठिकानों पर छापेमारी के बाद इसे ठिकाना लगाने का प्रयास किया गया है. वहीं अरगोड़ा में किसी अनिल झा के यहां भी ईडी की टीम पहुंची थी, लेकिन बिना छानबीन के ही वहां से निकल गई.
राजीव अरुण एक्का के बहनोई के घर छापा
रांची में यह छापेमारी मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सह गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का के बहनोई निशिथ केशरी और विशाल चौधरी के आवास व कार्यालय पर हुई. बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित विशाल चौधरी के पैतृक घर पर भी ईडी की छापेमारी हुई है.
विशाल चौधरी को ईडी ने देर रात शर्त के साथ छोड़ा
ईडी सूत्रों के अनुसार इन दोनों पर नौकरशाहों का काला पैसा निवेश करने का आरोप है. विशाल चौधरी को ईडी ने हिरासत में लिया, हालांकि देर रात उसे इस शर्त के साथ छोड़ा गया कि जब भी पूछताछ के लिए जाएगा तत्काल आना होगा. उसके ठिाकनों से जब्त चार बैग दस्तावेज की जांच की जा रही है.
शराब कारोबार के क्षेत्र में सक्रिय है विशाल
विशाल चौधरी अरगोड़ा चौक के समीप स्थित फ्रंटलाइन एंड विनायका ग्रुप का संचालक है. उसकी विनायका फंडामेंटल रिसर्च एंड एजुकेशन सोसाइटी है जो गैर सरकारी संस्था है और कौशल विकास संस्थान के रूप में काम करती है. विशाल चौधरी की पत्नी श्वेता सिंह चौधरी व उसके पिता त्रिवेणी चौधरी है. इसका ग्रुप शराब कारोबार के क्षेत्र में ये काम करते रहे हैं. पूर्व में भी जब राज्य सरकार के माध्यम से शराब की बिक्री हो रही थी, तब विशाल ने मैनपावर उपलब्ध कराया था.
विनायका ग्रुप के दफ्तर से मिले कागजात
झारखंड बिवरेजेज कारपोरेशन लिमिटेड में विशाल चौधरी की पकड़ रही है, इससे संबंधित कागजात भी विनायका ग्रुप के दफ्तर से मिले हैं. ईडी को यह भी जानकारी मिली हे कि कोरोना संक्रमण काल में विशाल चौधरी को करोड़ों रुपए के कोविड किट उपलब्ध कराने का ठेका मिला था. उसपर राज्य के कुछ बड़े आईएएस अफसरों के रुपयों के निवेश करने संबंधित सबूत भी ईडी को मिलने की सूचना है, जिसकी छानबीन चल रही है. विशाल चौधरी के कई नौकरशाहों से करीबी संबंध हैं.
कचरे में फेंका मोबाइल
ईडी की एक टीम जैसे ही अशोक नगर रोड नंबर छह स्थित विशाल चौधरी के आवास पर पहुंची. गेट खोलने से पहले विशाल चौधरी ने अपना एप्पल का मोबाइल कचरे में फेंक दिया. ईडी की टीम ने कचरे से उसका मोबाइल बरामद कर जब्त किया है, इसकी छानबीन में ईडी को कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं.
Highlights


















