टेंडर कमीशन घोटाला: जहांगीर आलम को कोर्ट से झटका, जमानत याचिका खारिज

रांची. झारखंड के चर्चित टेंडर कमीशन घोटाला मामले में गिरफ्तार जहांगीर आलम को बड़ा झटका लगा है। PMLA की विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। जहांगीर आलम, पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के OSD रहे संजीव लाल के करीबी माने जाते हैं। वे इस घोटाले में प्रमुख आरोपी के तौर पर नामित हैं और 6 मई 2024 से न्यायिक हिरासत में हैं।

कोर्ट ने क्या कहा?

20 अगस्त 2025 को जहांगीर आलम ने जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने तर्क दिया था कि उन्हें मामले में झूठा फंसाया गया है। हालांकि, विशेष अदालत ने कहा कि जांच की गंभीरता, बरामद की गई राशि और आरोपों की प्रकृति को देखते हुए उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती।

ईडी की छापेमारी में करोड़ों की नगदी जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 6 मई 2024 को टेंडर कमीशन घोटाले में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसमें जहांगीर आलम के ठिकानों से 30 करोड़ रुपये से अधिक की नगदी जब्त की गई थी। इसके अलावा ठेकेदार मुन्ना सिंह के ठिकाने से 2.93 करोड़ रुपये और कांट्रेक्टर राजीव सिंह के स्थान से 2.14 करोड़ रुपये की नगदी बरामद की गई थी। इन छापेमारियों के बाद ईडी ने संजीव लाल और जहांगीर आलम को गिरफ्तार कर लिया था।

टेंडर कमीशन घोटाला मामले में पूर्व मंत्री भी जेल में

इस घोटाले की जांच के दौरान 15 मई 2024 को झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को भी गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से वे जेल में बंद हैं।

Bihar Cooperative Policy 2026: सहकारी समितियों में होंगे बदलाव, पैक्स को...

Bihar Cooperative Policy 2026: बिहार राज्य सहकारी नीति 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सहकारिता विभाग ने सहकारी अधिनियम और नियमावली में आवश्यक संशोधनों पर...

Hemant Soren: डिस्चार्ज पिटीशन खारिज होने के बाद हाई कोर्ट पहुंचे...

रांची के बरगाई 8.86 एकड़ जमीन मामले में डिस्चार्ज पिटीशन खारिज होने के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने झारखंड हाई कोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन...

Bihar Balika PhD Fellowship: हर साल 1000 छात्राओं का चयन, 4...

Bihar Balika PhD Fellowship: बिहार सरकार ने उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप...