जीना हुआ मुहाल, बिजली व पानी अब तक बंद
रांची : झारखंड नया राज्य बना, रांची नयी राजधानी बनी, आबादी बढ़ी, लोगों की जरूरतें बढ़ी, नये आवासीय परिसरों का निर्माण हुआ। मगर कई ऐसे आवासीय परिसरों का भी निर्माण हुआ, जो इन आवासीय परिसरों रहनेवाले लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया।
कुछ ऐसा ही मंजर इस बार रांची में हुई मूसलाधार बारिश के बाद देखने को मिला। जब बड़े-बड़े आवासीय परिसर पानी में डूब गये और लोगों को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा। तालाब में आपको मछलियों की जगह गाड़ियां तैरती हुई दिख जायेंगी।
इसकी एक बानगी आप शहर का एकलव्य अपार्टमेंट में देख सकते हैं, इस अपार्टमेंट में कूल 71 फ्लैट्स बने हुए हैं। बारिश में यह अर्पाटमेंट तालाब में बदल गया।
यही हालात शहर के अन्य फ्लैटों की है। जिन लोगों ने जीवन भर की पूंजी लगाकर, बैंकों से कर्ज लेकर फलैटस खरीदे हैं, उनके पास बिल्डर को कोसने के सिवा अब कोई चारा नहीं है।
बड़ा सवाल ये हैं कि रांची नगर निगम और जिला प्रशासन ऐसे मामलों से कब सबक लेगा? क्या ऐसे बिल्डरों पर कारवाई कर कोई सबक दिया जायेगा या सिस्टम यूं ही चलता रहेगा?







