सदर अस्पताल में भूख से मरीजों का हाल बेहाल, दो दिनों से भूखें मरीज के परिजनों ने किया हंगामा,जांच का आदेश जारी
भभुआ : सदर अस्पताल में आज सुबह बड़ा हंगामा हो गया। मरीजों को दो दिनों से नाश्ता और खाना नहीं मिलने के बाद परिजन आक्रोशित हो उठे और अस्पताल परिसर में जमकर विरोध किया। बताया जा रहा है कि अस्पताल में भर्ती मोतियाबिंद ऑपरेशन वाले मरीज—जिनका ऑपरेशन हर सोमवार और शुक्रवार को किया जाता है—उन्हें दो दिन से न तो सुबह का नाश्ता मिला और न ही दिन का खाना।
जीविका पर ठीकरा – भोजन आपूर्ति में लापरवाही का आरोप
अस्पताल में भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जीविका समूह की है लेकिन परिजनों का आरोप है कि जीविका कर्मियों की लापरवाही के कारण मरीजों को समय पर भोजन नहीं मिल रहा। मरीज उर्मिला देवी और गुलाब सिंह ने बताया कि “हम दो दिन से भर्ती हैं, लेकिन आज तक नाश्ता तक नहीं मिला। जब हंगामा हुआ, तब जाकर थोड़ी देर बाद सिर्फ नाश्ता दिया गया।”
अस्पताल प्रशासन पर बड़ा सवाल – कागज पर बिल पास, लेकिन व्यवस्था ठप्प
परिजनों ने प्रबधन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और पूछा है कि क्या प्रशासन नियमित मॉनिटरिंग नहीं करता? क्या जीविका को रोजाना मरीजों की पूरी सूची नहीं मिलती? अगर सूची मिलती है, तो भोजन क्यों नहीं दिया जाता? क्या केवल कागज पर बिल बन जाता है और जमीन पर व्यवस्था ठप है?
ACMO ने लिया संज्ञान — दिये जांच के आदेश
हंगामे की खबर मिलते ही अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (ACMO) मौके पर सक्रिय हुए। उन्होंने पूरे मामले पर जांच के आदेश जारी कर दिए हैं और जीविका कर्मियों की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।
अस्पताल की पुरानी समस्या — आखिर जिम्मेदार कौन?
भोजन सप्लाई में अव्यवस्था कोई नई बात नहीं है। मरीज और परिजन पहले भी कई बार शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। इतने बड़े अस्पताल में भोजन वितरण की जिम्मेदारी आखिर कौन निभा रहा है और निगरानी कौन कर रहा है?
फिलहाल दो दिन बाद मिला नाश्ता… लेकिन सवाल अभी बाकी
हालांकि हंगामे के बाद मरीजों को देर शाम नाश्ता तो दे दिया गया,लेकिन दो दिनों से भूखे मरीजों और नाराज़ परिजनों के मन में कई सवाल अब भी खड़े हैं।
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