शेखपुराः शेखोपुरसराय प्रखंड क्षेत्र के बेलाव पंचायत के पनयपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय कुव्यवस्था का शिकार होकर बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है। प्राथमिक विद्यालय के सभी फर्नीचर टूटकर सड़ने लगे हैं। विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। जबकि क्लासरूम में बेंच और डेस्क भरा हुआ है। वहीं बेंच-डेस्क देखभाल न होने से सड़कर अपनी अंतिम सांसे गिन रहा है। बिहार सरकार द्वारा सरकारी विद्यालयों की देखरेख और फर्नीचर पर लाखों रूपये खर्च किया जाता है। प्राथमिक विद्यालयों के दीवारों पर रंगीन चित्रों से सुसज्जित और विद्यार्थियों के अनुकूल क्लासरूम की व्यवस्था कराने का दावा किया जाता है। लेकिन धरातल पर ये दावा पूरी तरह खोखला दिख रहा है जिसका अंदाजा पनयपुर प्राथमिक विद्यालय को देखकर सहज ही लगाया जा सकता है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यहां के प्रभारी शिक्षक संजय कुमार की मनमानी की वजह से विद्यालय में पठन-पाठन का काम ठीक से हो नहीं पाता। इनके विद्यालय खोलने या बन्द करने की कोई समय सीमा तय नहीं है। दोपहर बारह बजे के बाद अक्सर विद्यालय बन्द कर फरार हो जाते है। जब स्थानीय लोगों के द्वारा सवाल किया जाता है तो गोलमटोल जवाब देकर बात को टाल देते है। वहीं स्कूल की बदहाल स्थिति पर प्रभारी से बताया कि उच्च अधिकारियों से पत्राचार किया गया है। वहीं ग्रामीणों की शिकायत पर कहा कि मुझे अपनी नौकरी से काम है न कि स्कूल की विधि व्यवस्था को सुधारना। हम अपने उच्चाधिकारियों के प्रति जबाबदेह है, इसके अलावा हम किसी को जवाब देना नहीं चाहते।
रिपोर्ट-धर्मेंद्र


















