रांची: झारखंड में बोली जाने वाली संथाली भाषा की देश की पहली डिक्शनरी (शब्दकोष) पर काम शुरू हाे गया है।
डीएसपीएमयू में मंगलवार से संथाली भाषा के विशेषज्ञों द्वार डिक्शनरी बनाने पर कार्य शुरू कर दिया गया है।
आने वाले पांच दिनों तक विशेषज्ञ संथाली भाषा का अंग्रेजी-हिंदी-संताली शब्दकोष बनाएंगे।
कुलपति प्रो. तपन कुमार शांडिल्य ने आयोग के सहायक निदेशक दीपक कुमार और विशेषज्ञों से शब्दकोष के बारे में जानकारी ली, और कहा कि शब्दकोष बन जाने से दूसरे भाषाओं के लोग भी आसानी से संथाली को समझ सकेंगे।
शब्दकोष निर्माण के सलाहकार समिति को एमसीए विभाग के डॉ आईएन साहू और डॉ. राहुल देव शाह तकनीकी सहयोग कर रहे हैं।
इसके अलावा विभिन्न विवि के 10 एक्सपर्ट शामिल हैं। सहायक निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में मातृभाषा में शिक्षा देने का प्रावधान किया गया है। इसी के तहत शब्दकोष का निर्माण किया जा रहा है।
संथाली भाषा संविधान के 8वीं सूची में दर्ज है। वहीं इस शब्दावली को बनाने के लिए एक्सपर्ट के रूप में सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड के सुधांशु शेखर, शांति निकेतन कोलकाता के डॉ दुखिया मुर्मू, डीएसपीएमयू के डुमनी माय मुर्मू, संतोष मुर्मू, एसपी कॉलेज दुमका से नृपेंद्र कुमार, रांची विवि से प्रेम कुमार मुर्मू और शकुंतला बेसरा शामिल हैं।







