Dhanbad- एक अदद छत की तलाश- केंद्र सरकार हो या राज्य की सरकार, दोनों के द्वारा ही सैंकड़ों योजनाओं का शिलान्यास किया जाता है, हर योजना के केन्द्र में आम जनता के बेहतरी के दावे किये जाते हैं. लेकिन जमीन पर उतरते-उतरते ये योजनाएं दम तोड़ देती है. कुछ ऐसा ही मामला निरसा विधान सभा के डूमरकुण्डा दक्षिण पंचायत का नूतंग्राम मल्लिकपाड़ा का है.
एक अदद छत की तलाश में परिवार के मुखिया की मौत
खबर यह है कि यहां 9 सदस्यों का एक परिवार पिछले 10 वर्षों से त्रिपाल के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर है,
लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि या अधिकारी की इस पर नजर नहीं गयी,
घर के मुखिया दुर्योधन मल्लिक पीएम आवास का सपना लिए स्वर्गलोक चले गये.
पांच वर्ष पूर्व उनकी मौत हो गयी, जब तक जीवित रहे पंचायत से प्रखंड का चक्कर लगाते रहें,
लेकिन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के दुत्तकार के सिवा उन्हे कुछ नहीं मिला.
आज पूरा परिवार हताश निराश होकर सरकारी आवास के लिए दुआ मांग रहा हैं.
इन परिवारों को देख कर गांव वाले भी दुखी है.
आंधी पानी आने पर पूरा गांव इनके लिए मांगता है दुआ
गांव वालों का कहना है जब जब आंधी, तूफान और बारिस आती है तो
इस परिवार के साथ-साथ पूरा गांव किसी अप्रिय घटना के भय से चिंतित हो जाता है.
क्योंकि 9 सदस्यीय परिवार में 4 बच्चे और एक बुजुर्ग महिला है.
बाहुबली और सक्षम लोगों का आवास बन चुका है,
पर एक जरूरतमंद का आवास अब तक नहीं बन पाया है.
जिसको लेकर गांव वाले कई सवाल खड़े कर रहे हैं.
भाजपा के सारे सहयोगी साथ छोड़ चुके- शक्ति सिंह गोहिल
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