अस्पताल में तड़प-तड़पकर मर गया जांच के लिए लाइन में खड़ा मरीज
Bokaro News: जिले के सदर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत सामने आयी है.
जहां जांच के जंजाल में एक मरीज की जान चली गई.
बताया जाता है कि अस्पताल में ही जांच और इलाज के अभाव में मरीज की तड़प-तड़प कर मौत हो गई.
दुग्धा बस्ती के रहने वाले सनोज कुमार को रविवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया.
डॉक्टर ने कई तरह की जांच की सलाह दी.

स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत: 24 घंटे में मरीज का नहीं हुआ कोई इलाज
बीमार मरीज को काफी देर तक लाइन में लगकर अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ा.
इसी क्रम में मरीज तड़पते हुए बेहोश हो गया. आनन-फानन में परिजन इमरजेंसी वार्ड ले गए,
लेकिन उसकी मौत हो गई. मृतक की पत्नी ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया.
उसने कहा कि 24 घंटे में मरीज का कोई इलाज नहीं किया गया.
वहीं डॉक्टर ने बताया कि मरीज को एक्सरे और अन्य जांच के लिए बोला गया था
उसी दौरान बेहोश होने से उसकी मौत हो गई.
राज्य सरकार द्वारा गरीब जनता का सरकारी अस्पताल में इलाज का दावा खोखला साबित हो रहा है.
इस तरह का एक मामला बोकारो सदर अस्पताल में सामने आया है.
सोमवार को जांच और इलाज के अभाव के कारण बोकारो सदर अस्पताल में एक मरीज की मौत हो गई.
मृतक दुग्धा बस्ती का रहने वाला 39 वर्षीय सनोज कुमार सिंह था.
स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत : तड़प-तड़पकर मर गया मेरा भाई- अजय
मृतक के भाई अजय सिंह ने बताया कि वह अपने भाई को रविवार को सदर अस्पताल में भर्ती कराया था.
सोमवार को डॉक्टर की सलाह पर जांच करने गया.
लेकिन जांच के लिए उसे काफी देर तक लाइन में लगना पड़ा.
इसी क्रम में मरीज वहीं बेहोश हो गया और तड़पने लगा.
स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत: डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप
भाई और पत्नी अनु देवी ने उसे इमरजेंसी में ले गए, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद वेंटिलेटर लगाया,
लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई. मृतक की पत्नी ने बताया कि 24 घंटे के बाद अस्पताल में जांच किया जा रहा है. 24 घंटे में कोई इलाज नहीं की गई. रात भर नर्स के पास दवा के लिए दौड़ती रही, लेकिन कोई मदद नहीं मिली. वहीं डॉक्टर शफीक ने बताया कि मरीज का कल से ही इलाज हो रहा था. एक्सरे व अन्य जांच के लिए बोला गया. लेकिन जांच के क्रम ही उसकी मौत हो गई.
रिपोर्ट: चुमन कुमार

















