रांची : जेपीएससी मामले पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक बार फिर विपक्ष पर पलटवार किया है. सदन में इस मसले पर अपने बयान में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुद्दे को एक बार फिर से स्थानीय बनाम बाहरी से जोड़ा. उन्होंने कहा कि झारखंड के लोगों के जेपीएससी में ज्यादा सफल होने के कारण ही विपक्षी दलों के पेट में दर्द हो रहा है. बीजेपी ने अपने शासनकाल में 5 साल तक जेपीएससी की एक भी परीक्षा नहीं ली. इतना ही नहीं उस समय के तत्कालीन जेपीएससी अध्यक्ष को जेल तक जाना पड़ा था. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार पहली बार जेपीएससी की परीक्षा के लिए छात्रों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया गया. जिससे बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा में शामिल हुए. सीएम के बयान के दौरान हंगामा जारी रहने से विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया.
आपको बता दें कि मुख्य विपक्षी दल भाजपा जेपीएससी मामले पर लगातार, मुख्यमंत्री से सदन में बयान देने की मांग कर रहा था. आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने भी सदन में इस मसले पर मुख्यमंत्री के बयान की मांग की. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में भी अपने वक्तव्य में पुराने बयान को दोहराया. उनके बयान की विपक्ष ने कड़ी आलोचना की है. भाजपा का कहना है कि मुख्यमंत्री का बयान सत्य से परे है और ऐसा बोलकर उन्होंने झारखंड वासियों का अपमान किया है. विपक्ष का कहना है कि जो अभ्यर्थी जेपीएससी परीक्षा में धांधली का आरोप लगाकर सड़क पर उतरे हैं उनमें से ज्यादातर स्थानीय हैं.







