सरायकेलाः कोरोना महामारी के पहले वेव और लॉकडाउन के बीच देशभर में ट्रेनों के परिचालन पर रेलवे ने रोक लगा दी थी। जिसके चलते सब कुछ बंद कर दिया गया था। अब कोरोना की लहर कम होते ही धीरे-धीरे ट्रेन सेवा फिर से बहाल की जा रही है। चांडिल-मुरी रेलखंड का लाइफलाइन कही जानी वाली पैसेंजर ट्रेन का परिचालन अबतक शुरू नहीं हुआ है। लोग अब इस ट्रेन का परिचालन पुनः शुरू किए जाने की मांग कर रहें हैं। दक्षिण पूर्व रेलवे के चांडिल- मुरी रेलखंड के बीच चलने वाली ट्रेन टाटा-बरकाकाना पैसेंजर ट्रेन है जो इस रूट की एक मात्र पैसेंजर ट्रेन है। यह ट्रेन किसान, मजदूर, छात्र और व्यवसायी वर्ग के लिए लाइफलाइन कही जाती है। टाटा-बरकाखाना ट्रेन का परिचालन 23 मार्च 2020 से कोरोना महामारी के कारण बंद है। इस ट्रेन से हजारों छात्र ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र का एकमात्र डिग्री कॉलेज सिंहभूम कॉलेज में पढ़ाई करने के लिए आना- जाना करते हैं, लेकिन, इस ट्रेन के बंद रहने के कारण छात्रों को अधिक पैसा देकर बसों से कॉलेज जाना पड़ रहा है। रांची लोकसभा के सांसद संजय सेठ भी टाटा-बरकाखाना ट्रेन को छात्र, किसान, मजदूर के लिए लाइफलाइन मानते है। और इस ट्रेन के परिचालन शुरू करवाने के संबंध में 31 अगस्त को केंद्रीय रेल मंत्री से मिलने की बात भी कही है। हालांकि, उनका कहना है कि जितना रेवेन्यू चांडिल रूट से रेलवे को मिलता है। उसके अनुपात में सुविधा नहीं मिलती है।रिपोर्ट- गुलाम रब्बानी

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टाटा-बरकाकाना पैसेंजर ट्रेन के परिचालन की उठी मांग, कोरोना महामारी के कारण बंद थी ट्रेन
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