Loksabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और स्पीकर ओम बिरला में हुई तीखी बहस, राहुल बोले – चक्रव्यूह में फंसा हिंदुस्तान

डिजीटल डेस्क : Loksabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और स्पीकर ओम बिरला में हुई तीखी बहस। मानसून सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बीच गहमा गहमी देखने को मिली और दोनों में तीखी बहस भी हुई। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में एक बार अजीत डोभाल, अंबानी और अदाणी का नाम लिया तो लोकसभा स्पीकर ने उन्हें टोकते हुए सदन की मर्यादा बनाए रखने की बात कही।

राहुल से स्पीकर बोले – आप मुझसे सवाल नहीं पूछ सकते

दरअसल, राहुल गांधी केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे थे। राहुल गांधी ने कहा, ‘आप चाहते हैं कि हिंदुस्तान छोटे-छोटे खांचों में रहे। हिंदुस्तान के गरीब लोक सपना न देख पाएं। सिर्फ अदाणी और अंबानी’। इस बीच लोकसभा स्पीकर ने राहुल गांधी को टोक दिया। ओम बिरला ने कहा, ‘माननीय सदस्य, आपके उपनेता मुझे लिखित में पत्र दे गए हैं कि कोई सदस्य, जो इस सदन का सदस्य नहीं है, उसके बारे में टिप्पणी नहीं करेंगे।‘ इसके बाद राहुल गांधी ने कहा,’स्पीकर सर, मैं आपसे सवाल पूछना चाहता हूं।‘ लोकसभा स्पीकर ने फिर से राहुल गांधी को टोकते हुए कहा, ‘आप मुझसे सवाल नहीं पूछ सकते।‘

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महाभारत काल के चक्रव्यूह का किया जिक्र

अपने संबोधन में आगे राहुल गांधी ने महाभारत काल के चक्रव्यूह का जिक्र किया। महाभारत में अभिमन्यु को चक्रव्यूह में फंसाकर मारा गया। चक्रव्यूह कमल के आकार जैसा था। आज भी वैसा ही चक्रव्यूह रचा जा रहा है और प्रधानमंत्री कमल का निशान अपने सीने पर लगाकर चलते हैं। चक्रव्यूह में देश को फंसाया गया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अभिमन्यु को छह लोगों ने मारा था। उनके नाम कर्ण, द्रोणाचार्य, कृपाचार्य, कृतवर्मा, अश्वथामा और शकुनि थे। राहुल ने आगे कहा, ‘आज भी चक्रव्यूह में छह लोग हैं। नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत, अजीत डोभाल, अंबानी और अदाणी कंट्रोल कर रहे हैं।‘ इस बीच लोकसभा स्पीकर ने राहुल गांधी को टोक दिया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि ‘आप संवैधानिक पद पर हैं। आपके कई माननीय सदस्यों ने मुझे लिखकर दिया है कि जो भी इस सदन का सदस्य नहीं है, उनका नाम नहीं लेंगे। आपने लिखकर दिया है क्या आप उसकी पालना नहीं करना चाहते ?  मैं नेता प्रतिपत्र से ये अपेक्षा करूंगा कि वे सदन की नियमों और मर्यादा को बनाए रखें’।

लोकसभा स्पीकर को कई बार नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को टोकना पड़ा

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘अगर आप चाहते हैं तो मैं इस सूची से एनएसए अजीत डोभाल, अंबानी और अडानी का नाम हटा लेता हूं।‘ राहुल के ऐसा कहते ही लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें फिर से टोका। लोकसभा स्पीकर ने कहा, ‘सदन की नियम प्रक्रियाओं से सदन चलता है।‘ इसके जवाब में राहुल गांधी ने फिर कहा कि अगर आप कहते हैं तो मैं सूची से तीनों के नाम निकाल देता हूं। इसके बाद सदन में सत्ता पक्ष के सांसदों राहुल गांधी के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी राहुल गांधी को टोका। रिजिजू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को सदन के नियमों की जानकारी नहीं है।

लोकसभा में बजट को हलवा राहुल गांधी की ओर से बताए जाने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने माथे पर हाथ रख लिए।
लोकसभा में बजट को हलवा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से बताए जाने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने माथे पर हाथ रख लिए।

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बोले – बजट का हलवा बंट रहा, वित्त मंत्री ने माथे पर रख लिए हाथ

इसी क्रम में आगे अपने संबोधन में राहुल गांधी ने हलवा सेरेमनी की एक तस्वीर सदन में दिखाने की कोशिश की, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मना कर दिया। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘मैं तस्वीर दिखाकर समझाना चाहता हूं कि बजट का जो हलवा बंट रहा है और इस तस्वीर में एक ओबीसी अधिकारी नहीं दिख रहा है। यहां तक कि एक आदिवासी अधिकारी और एक दलित अधिकारी तक नहीं दिख रहा। यह हो क्या रहा है। देश का हलवा बंट रहा है और इसमें इसमें केवल वही लोग नहीं हैं।’ राहुल गांधी के इतना कहते ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने माथे पर हाथ रख लिए। लेकिन नेता प्रतिपक्ष नहीं रुके और अपना भाषण जारी रखते हुए कहा, ‘सर आप हलवा खा रहे हैं और बाकि लोगों को हलवा मिल ही नहीं रहा है। हमने पता किया है कि 20 अधिकारियों ने बजट तैयार किया है। अगर आप लोग नाम चाहते हैं तो मैं आपको इन अधिकारियों के नाम भी दे सकता हूं।’ आगे राहुल गांधी ने कहा कि इसका मतलब 20 अधिकारियों ने बजट बनाया है। मतलब हिंदुस्तान का हलवा 20 लोगों ने बांटा है। बांटता कौन है वही दो या तीन प्रतिशत लोग, मिलता किसे है? केवल इन तीन प्रतिशत को ही। बाकी 99 प्रतिशत को क्या मिलता है?  नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘भारत में डर का माहौल है और यह डर हमारे देश के हर पहलू में व्याप्त है। सरकार ने बजट में बड़े व्यापारियों को फायदा पहुंचाया, लेकिन छोटे दुकानदारों और करदाताओं को कोई फायदा नहीं दिया गया।’ रोजगार के मुद्दे पर राहुल ने कहा कि बजट में इंटर्नशिप प्रोग्राम की बात शायद एक मजाक था। ये इंटर्नशिप देश के बड़ी कंपनियों में दी जाएगी, लेकिन इससे युवाओं को कोई फायदा नहीं होगा। युवाओं का आज का मुख्य मुद्दा पेपरलीक है। उन्होंने कहा कि बीते 10 वर्षों में 70 बार इस देश में पेपरलीक की घटना हुई है।’

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