रांची: झारखंड में JPSC-JSSC प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े छात्र आंदोलन और अभ्यर्थियों पर दर्ज एफआईआर का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी के अनुसार, 8 सितंबर से 11 सितंबर तक अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन किया जाएगा और DC-SP कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। झारखंड भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने सरकार को छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने के लिए 48 घंटे का समय दिया था। भाजपा का कहना है कि समय सीमा समाप्त होने के बाद भी इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर भाजपा का सरकार पर आरोप
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई की गई। भाजपा का दावा है कि करीब एक हजार छात्रों पर एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के घरों और कोचिंग संस्थानों तक पुलिस भेजकर भय का माहौल बनाने का प्रयास किया गया। भाजपा का कहना है कि छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया था और उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज करने के बजाय उनकी शिकायतों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। हालांकि, ये आरोप भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों पर संबंधित सरकारी पक्ष की प्रतिक्रिया को भी अलग से देखा जाना महत्वपूर्ण है।
8 से 11 सितंबर तक अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन
भाजपा ने चार दिनों के आंदोलन का जिला स्तर पर कार्यक्रम जारी किया है। पार्टी के अनुसार, 8 सितंबर को रांची, गिरिडीह, दुमका, गढ़वा, हजारीबाग और जमशेदपुर में प्रदर्शन किया जाएगा। 9 सितंबर को कोडरमा, पलामू, सिमडेगा, साहिबगंज, बोकारो और चाईबासा में भाजपा कार्यकर्ता प्रदर्शन करेंगे। वहीं 10 सितंबर को धनबाद, गुमला, सरायकेला-खरसावां, पाकुड़, लातेहार और चतरा में आंदोलन प्रस्तावित है। आंदोलन के अंतिम दिन यानी 11 सितंबर को रामगढ़, देवघर, लोहरदगा, खूंटी, गोड्डा और जामताड़ा में भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरेंगे। पार्टी इन जिलों में DC और SP कार्यालयों का घेराव करेगी।
मुख्य सचिव से मुलाकात के बाद बढ़ा राजनीतिक दबाव
भाजपा ने इससे पहले छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों की जांच की मांग को लेकर राज्य के मुख्य सचिव से मुलाकात की थी। पार्टी का कहना है कि प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के सामने छात्रों से जुड़े मुद्दे रखे और मुकदमे वापस लेने की मांग की। इसके बाद 48 घंटे का अल्टीमेटम दिए जाने की बात सामने आई। भाजपा के अनुसार, समय सीमा समाप्त होने के बाद अब पार्टी ने आंदोलन को जिला स्तर तक ले जाने का फैसला किया है। आदित्य साहू ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को युवाओं को भय के माहौल में रखने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
पुलिस और कानून-व्यवस्था को लेकर भी उठाए सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कोयला, बालू और पत्थर से जुड़े अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है, जबकि छात्रों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने पुलिस के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सरकार से इस रवैये को बंद करने की मांग की। भाजपा का कहना है कि छात्रों के मुद्दे को लेकर पार्टी उनके साथ खड़ी है और आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।
FIR वापस नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
भाजपा ने स्पष्ट किया है कि छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। आदित्य साहू ने सरकार को आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। अब 8 सितंबर से शुरू होने वाले चार दिवसीय कार्यक्रम पर राजनीतिक और प्रशासनिक नजरें रहेंगी। अलग-अलग जिलों में DC-SP कार्यालयों के घेराव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए भी महत्वपूर्ण चुनौती होगी। वहीं, छात्रों पर दर्ज मुकदमों को लेकर भाजपा की मांग और सरकार की अगली कार्रवाई पर भी सबकी नजर रहेगी।


















