मंजेश कुमार
न्यूज़ डेस्क: अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव संपन्न हो गया और डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में व्हाइट हाउस पहुंच रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप वाइट हाउस पहुंचने से पहले अपनी टीम बनाने में जुट गए हैं। उन्होंने एक हिंदू नेता तुलसी गबार्ड को अहम् पद पर नियुक्त किया है। तुलसी गबार्ड अब अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस के डायरेक्टर का पद संभालेंगी।
वह सीआईए और एफबीआई समेत 18 सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय का काम देखेंगी। तुलसी गबार्ड अमेरिकी समोआ में एक ईसाई परिवार में पैदा हुई लेकिन वह अपने आपको हिंदू मानती हैं। वह गैर भारतीय मूल की होते हुए भी अपने साथ हमेशा गीता रखती हैं। तुलसी गबार्ड ने जम्मू कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने का समर्थन किया था तो वह अमेरिका की पहली सांसद बनी जिसने गीता की शपथ ली थी। इतना ही नहीं उन्होंने अपनी शादी भी वैदिक रीति रिवाज से की थी।
अपनी शादी के कुछ दिन बाद ही वह भारत भी आई थी और इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी की थी। एक भारतीय टीवी पत्रकार से बात करते हुए उन्होंने एक बार बताया था कि वह नियमित रूप से भक्ति और कर्मयोग करती हैं। उन्होंने उस वक्त कहा था कि ‘मैं हमेशा हिंदू ही रहूंगी, हिंदू धर्म मेरे जीवन का प्रेरणा स्रोत है।’ तुलसी गबार्ड दो दशकों से अधिक समय तक अमेरिका की आर्मी नेशनल गार्ड में सेवा दी हैं। इस दौरान वह कुवैत और इराक में भी तैनात रही थी।
उन्होंने हाउस होमलैंड सिक्योरिटी कमिटी में भी दो वर्षों तक काम किया था। वह अमेरिका में चार बार सांसद रह चुकी हैं। वर्ष 2020 में वह हैरिस के खिलाफ डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद के लिए भी नामांकन किया था लेकिन बाद में उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया था। गबार्ड हाल ही में डेमोक्रेटिक पार्टी छोड़ कर रिपब्लिकन में शामिल हुई थी। उन्हें ख़ुफ़िया विभाग में कोई खास अनुभव नहीं है लकिन उन्होंने दो दशकों से अधिक समय तक अमेरिकी सेवा में काम किया है।
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पटना से महीप राज की रिपोर्ट
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