Tragic Accident : यूपी के उन्नाव के सड़क हादसे में मोतीहारी के एक ही परिवार के 6 समेत 18 की मौत, पीएम मोदी और सीएम योगी ने जताया दुख, सियासत शुरू

बिहार से मंगलवार को दिल्ली के रवाना हुई स्लीपर बस के यूपी के उन्नाव जिले में बुधवार तड़के करीब साढ़े पांच बजे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर दूध की टैंकर की जोरदार भिड़ंत हो गई।

डिजीटल डेस्क : Tragic Accident : यूपी के उन्नाव के सड़क हादसे में मोतीहारी के एक ही परिवार के 6 समेत 18 की मौत, पीएम मोदी और सीएम योगी ने जताया दुख, सियासत शुरू। बिहार से मंगलवार को दिल्ली के रवाना हुई स्लीपर बस के यूपी के उन्नाव जिले में बुधवार तड़के करीब साढ़े पांच बजे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर दूध की टैंकर की जोरदार भिड़ंत हो गई। इसमें दो महिलाओं और एक बच्चे सहित 18 की मौत हो गई, जबकि लगभग 20 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे में बिहार के मोतीहारी जिले के एक ही परिवार के छह लोगों के मरने की पुष्टि हुई है। सूचना मिलते ही उस परिवार के गांव में मातम का माहौल पसर गया। इस हादसे पर लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है। आस्ट्रिया दौर पर पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी ने हादसे की जानकारी मिलते ही मृतक आश्रित को 2-2 लाख औऱ घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।

सवारियां कम होने के चलते सीतामढ़ी की बजाय शिवहर से चली थी बस, मोतीहारी में मातम

उन्नाव में हादसे का शिकार हुई बस बिहार के सबसे छोटे जिले शिवहर से लोगों को सपनों की मंजिल दिल्ली तक ले जाने वाली थी, लेकिन नियति को कुछ और मंजूर था। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, नमस्ते बिहार ट्रेवल्स की डबल डेकर बस हर दिन सीतामढ़ी से खुलती थी, लेकिन मंगलवार को सीतामढ़ी में पैसेंजर नहीं होने के वजह से बिहार के सबसे छोटे जिले शिवहर से खुली थी। यह बस मोतिहारी होकर दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। इसलिए, मरने वालों में शिवहर और मोतिहारी के लोगों की संख्या ज्यादा है। मोतिहारी के फेनहारा निवासी एक ही परिवार के छह लोग की मौत हुई है। इनमें अशफाक (42), मोहम्मद इस्लाम (35), मुनचुन खातून (38), गुलनाज खातून (12), कमरून नेशा ( 30) और तीन साल के सोहैल शामिल हैं। इनकी मौत की खबर पहुंचते ही फेनहारा स्थित घर पर कोहराम मच गया। आसपास के लोग जुटने लगे। शिवहर जिले के ब्लॉक रोड नगर पंचायत निवासी 27 वर्षीय दीपक कुमार और लालगढ़ छावनी मकसूदपुर करारिया निवासी 28 वर्षीय शिवदयाल पंडित की मौत की सूचना उनके घरों तक पहुंचते ही कोहराम मच गया।

टक्कर इतनी जोरदार कि टैंकर और बस दोनों के उड़े परखच्चे

बिहार के शिवहर से दिल्ली जा रही महोबा जिले की ट्रैवल कंपनी की स्लीपर बस बुधवार सुबह करीब छह बजे बेहटा मुजावर थाना क्षेत्र के जोगीकोट गांव के सामने हवाई पट्टी पर पहुंची थी। लखनऊ से आगरा की ओर जा रहे टैंकर को ओवरटेक करते समय बस टैंकर में टकरा गई। बताया जा रहा है कि एक्सप्रेसवे पर दूध टैंकर को बाएं तरफ से ओवरटेक करने के दौरान हादसा हुआ है। बस में बच्चों सहित करीब 100 यात्री बैठे थे। लगभग 20 यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस और टैंकर दोनों के परखच्चे उड़ गए। तेज रफ्तार होने से बस का चालक की तरफ का हिस्सा आगे से पीछे तक क्षतिग्रस्त हो गया। सीटों पर बैठे और लेटे यात्रियों में 18 लोगों की मौत हो गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची यूपीडा की रेस्क्यू टीम और पीआरवी मौके पर पहुंची और बचाव कार्य जारी किया।

बस टिकट के आधार पर मृतकों की पहचान के प्रयास जारी, हादसे की जांच शुरू

हादसे के घंटों बाद तक सभी मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने कुछ मृतकों की शिनाख्त कर ली है।  सीओ ने बताया कि ट्रैवल कंपनी के माध्यम से बुक हुए टिकट के आधार पर मृतकों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। क्षतिग्रस्त बस और टैंकर सड़क पर पलटने से आगरा की तरफ जाने वाली लेन का यातायात रुक गया। दोनों तरफ करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया।हवाई पट्टी होने से यूपीडा की टीमों ने डिवाइडर के लिए रखे कंक्रीट बोल्डरों को हटवा कर यातायात शुरू कराया। करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। एसपी सिद्धार्थ शंकर मीना, सीओ अरविंद कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे और सभी को बांगरमऊ सीएचसी भेजा। उपचार के बाद घायलों को उन्नाव जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि बस की स्पीड अधिक थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया स्लीपर बस अनियंत्रित होकर टैंकर से टकराई थी, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ है। हादसा इतना भीषण था कि इसे देखकर घटनास्थल पर मौजूद लोग सहम गए।

हादसे में सुरक्षित बचे 22 यात्रियों को दिल्ली भेजने की हुई व्यवस्था

उन्नाव के डीएम गौरांग राठी ने कहा कि दिल्ली जा रही एक निजी बस में करीब 57 यात्री सवार थे। सुबह 5:15 बजे बस की दूध के कंटेनर से टक्कर होने से 18 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। करीब 22 लोग सुरक्षित हैं, जिन्हें दिल्ली भेजा जा रहा है। छह लोगों को ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है, बाकी का इलाज जिला अस्पताल में हो रहा है। हमारे पास इलाज के लिए पर्याप्त व्यवस्था है और हम जल्द से जल्द सभी आवश्यक कार्रवाई करेंगे। डीएम ने मामले पर संज्ञान लेते हुए आरटीओ को निर्देश दिए हैं और  मामले में एफआईआर कराई जा रही है। उन्नाव एसपी सिद्धार्थ शंकर मीणा ने बताया कि 5 घायलों को बेहतर उपचार के लिए लखनऊ रेफर किया गया है। हादसे के संबंध में हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिए गए हैं। मरने वालों में दिलशाद निवासी थाना मोदीपुरम जनपद (मेरठ), बीटू निवासी थाना भादूर (शिवहर),  रजनीश (सीवान), लालबाबू दास निवासी थाना हिरागा (शिवहर), रामप्रवेश (शिवहर), भरत भूषण निवासी शिवहर, बाबू दास (शिवहर), मो. सद्दाम (गमरोली, शिवहर), नगमा (भजनपुरा, दिल्ली), शबाना, चांदनी,  शफीक, मुन्नी खातून और तौफीक आलम की पहचान कर ली गई है।

हादसे में बिहार के मोतीहारी जिले के एक ही परिवार के छह लोगों के मरने की पुष्टि हुई है।
उन्नाव में हादसास्थल जहां बिहार से दिल्ली जा रही बस में सवार 18 लोगों की मौत हो गई

राष्ट्रपति, पीएम और यूपी सरकार ने हादसे पर दुख जताया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर हुई सड़क दुर्घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि हादसे में अनेक लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखदाई है। ऐसी आकस्मिक मृत्यु का शिकार हुए लोगों के परिवार के सदस्यों के प्रति मैं गहन शोक संवेदनाएं व्यक्त करती हूं तथा घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं। दूसरी ओर बुधवार को आस्ट्रिया दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्नाव में हुए हादसे में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों को 50-50 रुपये के आर्थिक मदद का ऐलान किया है। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव ज़िले में हुई सड़क दुर्घटना का संज्ञान लिया और मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य तेजी से करने के निर्देश दिए। यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि घायलों को उच्च स्तरीय अस्पतालों में ले जाया जा रहा है, उन्नाव, कानपुर के सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है।

हादसे के लिए अखि‍लेश यूपी सरकार को घेरा, कहा- इन मौतों का कारण सरकार की लापरवाही

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर हुए बुधवार सुबह हुए हादसे को लेकर सपा प्रमुख अखि‍लेश यादव ने भाजपा सरकार को घेरा है। अखि‍लेश ने 18 लोगों की मौत का कारण भाजपा सरकार की लापरवाही बताया है। साथ ही छह सवाल पूछते हुए सरकार से स‍िलस‍िलेवार इसके जवाब मांगे हैं।अखि‍लेश ने कहा क‍ि ये जांच का व‍िषय है क‍ि, एक्सप्रेसवे पर विशेष पार्किंग जोन की व्यवस्था होते हुए भी, कोई वाहन बीच रास्ते में क्यों खड़ा हुआ था। सीसीटीवी के लगे रहने के बावजूद खड़े वाहन की निगरानी में चूक कैसे हुई। क्या सीसीटीवी काम नहीं कर रहे थे। अखि‍लेश ने पूछा, हाई-वे पुलिस कहां थी, क्या नियमित पेट्रोलिंग नहीं हो रही थी। सपा प्रमुख ने सवाल पूछा क‍ि इस हादसे के बाद हाईवे एम्बुलेंस सर्विस कितनी देर में पहुंची और हताहतों के संबंध में उसकी भूमिका क्या रही। यदि गाड़ी खराब होने के कारण खड़ी थी, तो उसे टोइंग सहायता क्यों नहीं पहुंची। एक्सप्रेसवे पर प्रतिदिन करोड़ों रुपए लिए जाते हैं, वो पैसा एक्सप्रेसवे के व्यवस्थापन और प्रबंधन में न लग कर, क्या कहीं और जा रहा है।

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