पान विकास योजना के तहत किसानों की आय वृद्धि पर दिया जाएगा विशेष ध्यान : राम कृपाल यादव

Patna: पान उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने और पान उत्पादन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए कृषि विभाग ने पान विकास योजना की शुरुआत की है। चतुर्थ कृषि रोड मैप के अंतर्गत इस महत्वाकांक्षी योजना को वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2026-27 तक दो वर्षों के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। ये बातें रविवार को राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कही हैं।

उन्होंने कहा है कि ‘पान विकास योजना’ के जरिए पान उत्पादन से जुड़े किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने कहा है कि बिहार अपने विशिष्ट पान स्वाद, विशेषकर मगही एवं देशी पान के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। इस योजना के माध्यम से इन पारंपरिक किस्मों के क्षेत्र विस्तार, वैज्ञानिक उत्पादन तथा किसानों की आय में वृद्धि पर विशेष बल दिया जाएगा। कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बताया है कि इस योजना के तहत राज्य के 12 पान उत्पादक जिलों — औरंगाबाद, गया, शेखपुरा, वैशाली, नालंदा, नवादा, सारण, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, मुंगेर एवं दरभंगा — के इच्छुक किसानों को सहायतानुदान प्रदान किया जाएगा। इससे पान की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित होगी।

लॉटरी के माध्यम से होगा लाभार्थियों का चयन

राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा है कि योजना के अंतर्गत मगही एवं देशी पान की खेती करने वाले व्यक्तिगत कृषकों एवं एफपीसी के सदस्यों को 100 वर्गमीटर (0.01 हेक्टेयर) क्षेत्र के लिए प्रति कृषक 11,750 रुपये का सहायतानुदान दिया जाएगा। लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा ताकि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों का डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। इच्छुक किसान उद्यान निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट horticulture.bihar.gov.in पर जाकर “पान विकास योजना” के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 20 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है तथा 20 अप्रैल 2026 तक आवेदन किया जा सकता है।

दी जाएगी आधुनिक तकनीक की जानकारी

कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा है कि उद्यान निदेशालय द्वारा किसानों को प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से पान उत्पादन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। पान उत्पादन बिहार की समृद्ध कृषि परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो विशेषकर मिथिलांचल, मगध एवं भोजपुर क्षेत्र के हजारों किसानों की आजीविका का प्रमुख आधार है। यह योजना पारंपरिक पान उत्पादन को वैज्ञानिक आधार देने के साथ-साथ स्थानीय पहचान वाले पान को संरक्षण प्रदान करेगी।

Bihar Government Scheme: हर महीने का अंतिम रविवार बनेगा खास! बिहार...

Bihar Government Scheme: बिहार में ग्रामीण विकास और पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी...

Bihar Police Social Media Action: सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाना पड़ेगा...

Bihar Police Social Media Action: बिहार पुलिस ने सोशल मीडिया पर कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले आपत्तिजनक और भ्रामक कंटेंट के खिलाफ एक व्यापक...

PMCH के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह मामले में नया...

पटना: PMCH के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह से जुड़े मामले में एक नई बात सामने आई है। उन्हें सुरक्षा देने वाले सरकारी...