Union Budget 2026: MSME के लिए 10 हजार करोड़, High Speed Rail और Financial Sector Reforms का बड़ा रोडमैप

Union Budget 2026 में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने MSME के लिए 10 हजार करोड़, पांच हाई स्पीड रेल कॉरिडोर और बैंकिंग व बॉन्ड मार्केट सुधारों का ऐलान किया।


Union Budget 2026:MSME को बड़ी राहत, 10 हजार करोड़ का ऐलान

Union Budget 2026 पेश करते हुए वित्तमंत्री Nirmala Sitharaman ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के विशेष प्रावधान का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि MSME सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और रोजगार सृजन में इसकी भूमिका सबसे अहम है।
सरकार का उद्देश्य पुराने और परंपरागत उद्योगों को फिर से मजबूती देना, उत्पादन क्षमता बढ़ाना और MSME को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है, ताकि वे घरेलू के साथ-साथ वैश्विक बाजार में भी प्रतिस्पर्धी बन सकें।


Key Highlights

  1. MSME सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का ऐलान

  2. पांच हाई स्पीड रेल कॉरिडोर से देशभर में कनेक्टिविटी मजबूत होगी

  3. बैंकिंग सेक्टर के रिव्यू के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन

  4. कॉरपोरेट और म्युनिसिपल बॉन्ड मार्केट को बढ़ावा

  5. छोटे और मझोले शहरों के लिए निवेश और वित्तीय संसाधन आसान होंगे


Union Budget 2026:कनेक्टिविटी पर जोर, पांच हाई स्पीड रेल कॉरिडोर

वित्तमंत्री ने कहा कि विकास की रफ्तार कनेक्टिविटी से तय होती है। इसी सोच के तहत बजट में पांच हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है। इनमें मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई और चेन्नई से बेंगलुरु को जोड़ा जाएगा।
इसके अलावा उत्तर भारत में दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी तक हाई स्पीड रेल कनेक्टिविटी को भी योजना में शामिल किया गया है। सरकार का मानना है कि इन कॉरिडोर से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और परिवहन लागत में कमी आएगी।

Union Budget 2026:बैंकिंग और बॉन्ड मार्केट में बड़े सुधार

वित्तीय क्षेत्र को लेकर वित्तमंत्री ने कहा कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर आज मजबूत स्थिति में है। बैंकों की बैलेंस शीट सुदृढ़ हुई है, मुनाफा बढ़ा है और 98 प्रतिशत से अधिक गांवों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंच चुकी हैं।
बजट में बैंकिंग सेक्टर के व्यापक पुनर्मूल्यांकन के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसका उद्देश्य भविष्य की जरूरतों के अनुसार सुधार करना, तकनीक का बेहतर समावेश करना और सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों व एनबीएफसी को मजबूत करना है।
कॉरपोरेट बॉन्ड मार्केट को गहराई देने के लिए नए ढांचे की घोषणा की गई है, जिससे फंड और डेरिवेटिव्स की आसान उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। म्युनिसिपल बॉन्ड को बढ़ावा देने और आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए भी प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया गया है, ताकि छोटे और मझोले शहरों को विकास के लिए वित्तीय संसाधन मिल सकें।

Saffrn

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