Union Budget 2026: के बाद शेयर बाजार में गिरावट, STT बढ़ोतरी और Corporate Tax Regime में बड़े बदलाव

Union Budget 2026 के बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। बजट में STT बढ़ाने, MAT घटाने और कॉर्पोरेट टैक्स रिजीम में बदलाव के प्रस्ताव किए गए हैं।


Union Budget 2026 के पेश होने के तुरंत बाद शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। निवेशकों की नजर खासतौर पर फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग पर बढ़ाए गए सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स और कॉर्पोरेट टैक्स से जुड़े प्रस्तावों पर रही, जिसका सीधा असर बाजार की धारणा पर पड़ा।

Union Budget 2026:फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर STT बढ़ाने का प्रस्ताव

बजट प्रस्ताव के मुताबिक फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर लगने वाले सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स की दर को मौजूदा 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं ऑप्शंस ट्रेडिंग में प्रीमियम पर लगने वाला STT भी बढ़ाया जाएगा। अभी यह दर 0.1 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत करने की घोषणा की गई है।
इन बदलावों का सीधा असर डेरिवेटिव्स सेगमेंट में सक्रिय ट्रेडर्स पर पड़ने की संभावना है, जिससे बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान दबाव दिखा।


Key Highlights

  • बजट के बाद शेयर बाजार में तेज गिरावट

  • फ्यूचर्स पर STT 0.02 से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का प्रस्ताव

  • ऑप्शंस प्रीमियम पर STT 0.1 से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत

  • MAT दर 15 से घटाकर 14 प्रतिशत

  • कस्टम ड्यूटी व्यवस्था को सरल बनाने की घोषणा


Union Budget 2026:Corporate Tax Regime और MAT में बदलाव

सरकार ने कॉर्पोरेट टैक्स व्यवस्था को और सरल बनाने की दिशा में भी अहम प्रस्ताव रखे हैं। वर्ष 2019 में शुरू किए गए नए कॉर्पोरेट टैक्स रिजीम को बढ़ावा देने के लिए यह स्पष्ट किया गया है कि मिनिमम अल्टरनेट टैक्स क्रेडिट का लाभ अब केवल उन्हीं कंपनियों को मिलेगा, जो नए टैक्स रिजीम में शिफ्ट होंगी।
नए रिजीम में शामिल कंपनियों को MAT क्रेडिट का लाभ सीमित रूप में यानी एक चौथाई तक ही मिलेगा। इसके साथ ही MAT को अंतिम टैक्स माना जाएगा और 2026 के बाद किसी भी प्रकार के अतिरिक्त क्रेडिट के संचय की सुविधा समाप्त हो जाएगी।

Union Budget 2026::MAT दर घटाकर 14 प्रतिशत करने का ऐलान

बजट में मिनिमम अल्टरनेट टैक्स की दर को मौजूदा 15 प्रतिशत से घटाकर 14 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है। हालांकि 13 मार्च 2026 तक जो MAT क्रेडिट उपलब्ध है, वह पहले की तरह ही मान्य रहेगा। सरकार का मानना है कि इससे कंपनियों को नए टैक्स रिजीम में आने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और कर व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।

Union Budget 2026:अप्रत्यक्ष कर और कस्टम ड्यूटी में सरलीकरण

अप्रत्यक्ष करों के मोर्चे पर सरकार ने कस्टम और एक्साइज ड्यूटी की संरचना को सरल बनाने का संकेत दिया है। घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से कई पुरानी छूटों को खत्म करने का प्रस्ताव रखा गया है। खासकर उन वस्तुओं पर दी जा रही छूट हटाई जाएंगी, जिनका आयात भारत में लगभग नहीं होता।
इसके साथ ही कुछ चुनिंदा उत्पादों के लिए प्रभावी कस्टम ड्यूटी दरें तय कर उन्हें टैरिफ शेड्यूल में शामिल करने की योजना भी सामने आई है।

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