जवानों ने की कन्याओं के साथ शस्त्रों की पूजा
रांची : राजधानी रांची के जैप वन में महानवमी पर अनोखी शक्ति पूजा हुई.
जवानों ने कन्याओं के साथ शस्त्रों की पूजा की.
जैप वन में दुर्गा पूजा सवा सौ साल पुरानी अनूठी परंपरा के तहत की जा रही है.
यहां शक्ति की पूजा शस्त्रों से करने का विधान है.
आज महानवमी के दिन मंदिर प्रांगण में एक ओर मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा कन्या पूजन
के रूप में की गई तो ठीक मंदिर के उसी प्रांगण के दूसरे हिस्से में शस्त्रों की पूजा की गई.
जैप वन में मां सिद्धिदात्री की पूजा शक्ति के रूप में शस्त्रों से आराधना कर की जाती है.
महानवमी के अवसर पर झारखंड आर्म्ड फोर्स के जवान शक्ति स्वरूपा दुर्गा की पूजा कर रहे हैं.
वर्षों से चली आ रही परंपरा का निर्वाह करते हुए जवान अपने हथियारों की पूजा की.
महानवमी पर जैप वन: जवानों ने की कई राउंड फायरिंग
जैप वन में गोरखा रीति रिवाज से होनेवाली इस पूजा में शक्ति की पूजा की जाती है.
हथियारों की पूजा के दौरान शक्ति की प्रतीक मां दुर्गा को खुश करने के लिए
कई राउंड फायरिंग के साथ जैप वन के जवान सलामी दी.
बता दें कि यहां मां की प्रतिमा की पूजा नहीं बल्कि कलश की पूजा की जाती है.
पूजा अर्चना की परंपरा 1880 से की जा रही है.
महानवमी पर जैप वन: हर बलि पर 11 बंदूकों से सलामी
मां के चरणों में 21 बलि दे कर जवान दुश्मनों से लोहा लेने के लिए मां का आशीर्वाद लेते हैं.
हर बलि पर गोरखा जवान 11 बंदूकों से माता को सलामी देते हैं.
महानवमी के दिन इस बटालियन में बलि और हथियारों की पूजा का एक खास महत्व होता है.
जवान अपने हथियारों को मां दुर्गा के सामने रख कर पूजा करते हैं.
गोरखा जवानों में हथियारों की पूजा की परंपरा इस बटालियन के गठन के समय से ही चली आ रही है.
इनका मानना है कि दुश्मनों से मुकाबला के समय उनके हथियार धोखा ना दे और सटीक चले,
इसके लिए वे मां दुर्गा के सामने नवमी को अपने-अपने हथियारों की पूजा बड़े ही श्रद्धा भाव से करते हैं. दूसरी ओर इसी प्रांगण में शक्ति स्वरूपा मातृशक्ति की पूजा कन्या के रूप में भी की गई.
रिपोर्ट: मुर्शिद आलम
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