UP: बाबा विश्वनाथ की नागरी काशी में देव-दीपावली को लेकर तैयारी जोरो-शोरो से चल रही है. देव-दीपावली में अब केवल 2 दिन शेष रह गए है. जिसकी तैयारी को लेकर प्रशासन सशक्त है और हर चीज की जांच चल रही है. बताया जा रहा है कि देव दिवाली को लेकर काशी के घाटो के किनारे सजावट का कार्यक्रम ने भी जोर पकड़ लिया है. वहीं गंगा में चलने वाले नावो का भी प्रशासन जांच कर रही है.
इस जांच को ध्यान में रखते हुए जिला के जल पुलिस, नगर निगम, आईडब्ल्यूएआई और आरटीओ की संयुक्त टीम घाटों के किनारे अपना डेरा डाल के बैठी हुई है. जहां पूरी टीम संचालित नावों की जांच कर रही है. इस जांच के दौरान टीम को चौकाने वाली जानकारी प्राप्त हुई. तो चलिए आगे जानते हैं क्या है ये जानकारी.
UP: 40 नावो की स्थिति जर्जर
जांच टीम ने रविवार 2 नवंबर को काशी के रामनगर और दशाश्वमेध घाट का जायजा किया. जांच के दौरान पता चला कि घाट किनारे लगी 40 में से सिर्फ पांच नावें ही चलने योग्य है. ऐसी परिस्थिति में जांच टीम ने चलने योग्य नावों के ऊपर हरे रंग का निशान और जर्जर स्थिति में पाई गई नावों के ऊपर लाल रंग का निशान लगा दी है. जिसके माध्यम से वहां आमने वाले लोगों को ये जानकारी आसानी से प्राप्त हो जाए कि कौन सी नाव उनकी सवारी के लिए ठीक है.
UP: अधिकारियों ने दी यह जानकारी
कई सारी मुद्दों पर अपनी राय प्रकट करने हुए अधिकारियों ने बताया कि देव दीपावली काशी में काफी धूमधाम से मनाया जाता है. ऐसे में यहां लाखों के तदाद में पर्यटक आते हैं. जिसको ध्यान में रखते हुए हम सभी जांच में जुटे हुए हैं. ताकि किसी भी प्रकार की चूक ना हो. अपनी बातों को आगे रखते हुए अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान हमें यहाँ कई तरह के ना मिले हैं. जिनमें से अधिकांश नाव की स्थिति खराब है. कुछ नाव जर्जर तो कुछ के इंजन खराब है. हमने नावों को दो भाग में बाटा है. जो नाव चलने योग्य है उसमें हमने हरी और जो नाव खराब स्थिति में है, उसमें हमने लाल निशान लगाए हैं.
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