Patna– राज्य सभा टिकट के बेटिकट किए जाने के बाद जदयू कोटे से केन्द्रीय इस्पात मंत्री आरसीपी सिंह ने मंत्री बने के रहने के सवाल पर कहा है कि मंत्री रहना और नहीं रहना प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है, वैसे इस मामले में पार्टी के अन्दर भी चर्चा करेंगे और उसके बाद ही इस पर कोई निर्णय लेंगे.
तल्खी के तमाम आरोपों को निराधार बताते हुए आरसीपी सिंह ने कहा कि केन्द्रीय मंत्री बनने में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भी सहमति थी, पार्टी में किसी से कोई नाराजगी नहीं है. पहले भी संगठन का आदमी था, एक बार फिर से उसमें लगूंगा और संगठन को मजबूत बनाऊंगा. हमारे समय में कई प्रकोष्ठों का गठन किया गया था. एक बार फिर से उन सभी प्रकोष्ठों को सक्रिय करने की कोशिश करुंगा. ललन सिंह से अपने रिश्ते पर कहा कि ललन सिंह ही क्यों संगठन में सभी से उनके बेहतर संबंध है.
पीएम पद के लिए संख्या बल महत्वपूर्ण–
पीएम पद के लिए नीतीश कुमार की उम्मीदावारी पर आरसीपी सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री पद के लिए संख्या बल की जरुरत होती है, वह संख्या बल हमारे पास नहीं है.यहां बता दें कि आज एक बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य भाजपा नेताओं की मौजूदगी में भाजपा और जदयू कोटे से उम्मीदवार अपना नामांकन करेंगे. वहीं जदयू कोटे से राज्य सभा उम्मीदवार खीरु महतो ने कहा कि मैंने यह कल्पना भी नहीं की थी कि मेरे जैसे साधारण कार्यकर्ता को पार्टी राज्य सभा भेजेगी.आरसीपी सिंह के टिकट कटने के सवाल पर खीरु महतो ने कहा कि यह पार्टी का फैसला है. पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी है, वह उसका निर्वहन करेंगे. आने वाले दिनों में पार्टी को नम्बर वन पार्टी बनायेंगे.
रिपोर्ट- शक्ति
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