DHANBAD: ट्रेड फेयर में आकर्षण का केन्द्र वुड

कोलाज कलाकृति है, इसकी क़ीमत 3.99 करोड़ रूपए है.
धनबाद के गोल्फ ग्राउंड में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल
ग्रैंड ट्रेड फेयर में वुड आर्टिस्ट बीरेंद्र ठाकुर द्वारा
निर्मित वुड कोलाज कलाकृति खूब आकर्षित कर रही है.
इनकी इस कलाकृति की क़ीमत जानकर आप हैरान रह जायेंगे.
बीरेंद्र ठाकुर की बनाई दांडी मार्च ऑफ महात्मा गाँधी
एवं ट्राईबल आर्ट की वुड कोलाज कलाकृति की
क़ीमत 3 करोड़ 99 लाख प्रति कलाकृति है.
इसके फ्रेम का वजन 63 किलो है.
11 माह के लगातार मेहनत से इन्होंने इस
कलाकृति को तैयार किया है. सागवान की लकड़ी से निर्मित इन दोनों
कलाकृतियों में 258 लकड़ी के टुकड़ों का उपयोग कर इसे
दांडी मार्च एवं ट्राईबल नृत्य का रूप दिया है. इस ट्रेड फेयर
में बीरेंद्र ठाकुर द्वारा बनाई गई कई और भी कलाकृतियां बिक्री सह प्रदर्शनी में है.
बीसीसीएल सीएमडी ने भी की कलाकृति की प्रशंसा
ट्रेड फेयर के उद्घाटन के दौरान बीसीसीएल के
सीएमडी समीरन दत्ता और धनबाद के
एसएसपी संजीव कुमार ने भी बीरेंद्र ठाकुर की कलाकारी की खूब प्रशंसा की.
“जार्जेज ब्रेक” एवं “पैब्लो पिकासो” ने कोलाज के माध्यम से रखी नींव
वुड आर्टिस्ट बीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि कोलाज भिन्न-भिन्न चीजों को जोड़कर बनाये जाने वाले कृति का नाम है. 20वीं शताब्दी में यह कोलाज बड़े ही नाटकीय ढंग से एक कला का रूप ले लिया और उस समय के महान कलाकार “जार्जेज ब्रेक” एवं “पैब्लो पिकासो” ने कोलाज के माध्यम से एक अनोखे ढंग से आधुनिक कला की नींव रखी. 920 में “कर्ट स्वीर्टस” ने लकड़ियों के माध्यम से कोलाज कलाकृति बनाने का प्रयोग किया.
1940 के दशक में “लाउजे नेमिलसन” ने लकड़ी के दुकड़ों, फर्नीचर के टुकड़ों आदि से तथा उन्हें जोड़ते हुए वुड कोलाज आर्ट की कलात्मक रूपरेखा तय की. हमने उसी वुड कोलाज को माध्यम बनाकर एक नया प्रयोग करते हुए सागवान लकड़ी के टुकड़ों को आवश्यकतानुसार आकार देते हुए तथा उसमें कला की उत्कृष्टता का रस घोलते हुए लकड़ी के कैनवास पर उन टुकड़ों को जोड़ कर एक आकृति देने का प्रयास किया है जिन्हें विश्वस्तीय अद्भुत कलाकृति माना जा सकता है.
रिपोर्ट: राजकुमार जयसवाल
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