ऑनलाइन हाउस अरेस्ट के नाम पर कोडरमा में सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी से 51 लाख रुपये की ठगी। साइबर ठगों ने फर्जी सीबीआई और कोर्ट दिखाकर पैसे निकलवाए।
Cyber Fraud Alert कोडरमा. साइबर अपराधियों ने एक नया तरीका अपनाते हुए बैंक ऑफ इंडिया के सेवानिवृत्त अफसर सुरेश प्रसाद गुप्ता और उनकी पत्नी को ऑनलाइन हाउस अरेस्ट में रखकर 51 लाख रुपये ठग लिए। अपराधियों ने उन्हें डराया कि उनके नाम पर खुले नए बैंक खाते का इस्तेमाल अवैध लेन-देन और मनी लाउंडरिंग में किया गया है। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिये फर्जी अधिकारियों, कोर्ट और कथित सीबीआई टीम के सामने पेश किया गया।
पीड़ित सुरेश प्रसाद गुप्ता ने बताया कि उन्हें एक महिला आयशा पटेल नाम की कॉलर ने फोन किया। उसने दावा किया कि उनके आधार कार्ड से नया मोबाइल नंबर जारी हुआ है और उसी नंबर से संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुए हैं। इसके बाद कॉल को कथित दिल्ली पुलिस और सीबीआई अधिकारियों से जोड़ दिया गया।
Key Highlights
सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी से 51 लाख रुपये की ठगी
वीडियो कॉल पर फर्जी सीबीआई, कोर्ट और अधिकारी दिखाए गए
Online House Arrest का झांसा देकर पत्नी सहित बंधन में रखा
रकम मध्य प्रदेश स्थित पीएम इस्टेट्स LLP खाते में ट्रांसफर
कोडरमा थाना में FIR दर्ज, पुलिस जांच शुरू
Cyber Fraud Alert कैसे हुआ फ्रॉड?
पीड़ित दंपति को बताया गया कि उन्हें सीबीआई अधिकारी विजय खन्ना और एसपी समाधान पवार की निगरानी में रखा गया है।
पूरे समय उन्हें वीडियो कॉल पर रखा गया और किसी से बात करने या बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
दो दिसंबर की सुबह वीडियो कॉन्फ्रेंस में फर्जी सीबीआई जज के सामने पेश करने का नाटक किया गया।
इस दौरान उनसे कहा गया कि जांच स्पष्ट होने तक उनकी जमा राशि सुरक्षित सरकारी खाते में भेजनी होगी।
डर और मानसिक दबाव में आकर सुरेश गुप्ता ने अपने बैंक खाते से 51 लाख रुपये मध्य प्रदेश स्थित ‘Patimo PM Estates LLP’ के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
Cyber Fraud Alert पुलिस में शिकायत दर्ज
घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित दंपति को शक हुआ और उन्होंने बैंक व पुलिस से संपर्क किया। मामले की शिकायत कोडरमा थाना में दर्ज कराई गई है। थाना प्रभारी विकास पासवान के मुताबिक, घटना 3 दिसंबर की है और पुलिस तकनीकी जांच के साथ साइबर सेल की मदद ले रही है।
Cyber Fraud Alert: सतर्कता जरूरी
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार:
कोई भी एजेंसी फोन कॉल या वीडियो कॉल पर पूछताछ या गिरफ्तारी नहीं करती।
किसी भी स्थिति में बैंक डिटेल, OTP या ट्रांसफर रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करनी चाहिए।
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