देश का 80 फीसदी मखाना Bihar के 10 जिलों में होता है, मखाना बोर्ड बनने से…

मंजेश कुमार

पटना: शनिवार को संसद में पेश केंद्रीय बजट में Bihar के लिए कई सौगातें दी गई है। इसी सौगातों में एक बड़ी सौगात मिली है बिहार के किसानों को। बिहार के मिथिलांचल के मखाना किसानों के लिए बजट में मखाना बोर्ड बनाने की घोषणा की गई है। मखाना बोर्ड क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ा फायदा होगा और अब मखाना उत्पादन एक बड़ा कारोबार बन जायेगा। किसानों से लेकर उद्यमियों तक के लिए योजनाएं बनेंगी इसके साथ ही किसानों को प्रशिक्षण के साथ निर्यात और उसके अन्य उत्पाद बनाने की भी योजना बनाई जाएगी।

बिहार में देश का 80 प्रतिशत मखाना उत्पादन

मखाना उत्पादन में बिहार पहले स्थान पर है। देश भर के मखाना उत्पादन का 80 प्रतिशत मखाना बिहार में होता है। बिहार के करीब दस जिलों के 3393 गांवों में प्रतिवर्ष करीब तीन लाख मीट्रिक टन मखाना का उत्पादन होता है। बिहार में उत्पादित मखाना का करीब 70 प्रतिशत मखाना दूसरे राज्यों या अन्य देशों में निर्यात किया जाता है। मखाना बोर्ड बन जाने के बाद मखाना उत्पादन करने वाले किसानों को काफी फायदा होगा।

मखाना में है विशेष औषधीय गुण

मखाना में कई औषधीय गुण मौजूद हैं। मखाना डायबिटीज मरीजों के लिए एक हेल्दी स्नैक ऑप्शन है। इसका ग्लाइसमेंकि इंडेक्स काफी कम होता है, जिस कारण इसके सेवन से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रहता है। मखाना में भरपूर फाइबर पाया जाता है जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। मखाना कब्ज की समस्या को भी दूर करता है। मखाना वजन कम करने के इक्षुक लोगों के लिए काफी फायदेमंद होता है।

मिथिला मखाना को जीआई टैग

देश में मखाना का उत्पादन सबसे अधिक बिहार में होता है। बिहार में मखाना उत्पादन को देखते हुए वर्ष 2022 में ही जीआई टैग दिया गया था। मिथिला का मखाना बिहार से देश के दूसरे राज्यों समेत अमेरिका और यूरोप के देशों में भेजा जाता है।

इन जिलों में होता है मखाना उत्पादन

देश में सबसे अधिक मखाना का उत्पादन बिहार में होता है। बिहार के दस जिलों में दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, सहरसा, कटिहार, पूर्णिया, सुपौल, किशनगंज, अररिया और समस्तीपुर में मखाना की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। इन जिलों में मखाना किसानों की संख्या करीब दस हजार के आसपास है।

मखाना बोर्ड से क्या होगा फायदा

राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक इंदु शेखर सिंह ने बताया कि मखाना विकास बोर्ड बनने से किसानों को सही ट्रेनिंग मिल सकेगी साथ ही उनके उत्पाद के निर्यात में सहायता मिलेगी। मखाना से बनने वाले अन्य उत्पाद में भी किसानों को मदद मिलेगी।

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