NEW DELHI: मोदी सरकार की नोटबंदी – नोटबंदी मामले पर दायर याचिका पर
सुप्रीम कोर्ट आज फैसला सुनाएगा. सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस
एस अब्दुल नज़ीर की अध्यक्षता वाली 5 जजों की संविधान पीठ
ने 7 दिसंबर को सुनवाई पूरी कर ली थी. मोदी सरकार ने 2016 में
1,000 रुपये और 500 रुपये के नोटों को बंद करने का निर्णय लिया था.
कोर्ट में याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि सरकार ने बिना प्रक्रिया
का पालन किए अचानक 500 और 1000 के पुराने नोट को बंद कर दिया. इसके जवाब में सरकार ने कहा है कि यह टैक्स चोरी रोकने और काले धन पर लगाम लगाने के लिए लागू की गई सोची-समझी योजना थी. फैसला सुरक्षित रखते समय कोर्ट ने केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक को नोटबंदी के फैसले से जुड़ी प्रक्रिया के दस्तावेज सौंपने को कहा था.

मोदी सरकार की नोटबंदी – सरकार पर याचिकाकर्ता ने प्रक्रिया का पालन नहीं करने का आरोप लगाया
याचिकाकर्ता पक्ष की तरफ से सबसे पहले वरिष्ठ वकील चिदंबरम ने बहस की थी. उन्होंने कहा था कि सरकार ने नोटबंदी के फैसले से पहले की प्रक्रिया की ठीक से जानकारी नहीं दी है. न तो 7 नवंबर, 2016 को सरकार की तरफ से रिजर्व बैंक को भेजी चिट्ठी रिकॉर्ड पर रखी गई है, न यह बताया गया है कि रिजर्व बैंक की सेंट्रल बोर्ड की बैठक में क्या चर्चा हुई. 8 नवंबर को लिया गया कैबिनेट का फैसला भी कोर्ट में नहीं रखा गया है.
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