रांची: राज्य सरकार द्वारा मोगिया हाईटेक प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई के दौरान, कोर्ट में राज्य सरकार के अधिवक्ता की अनुपस्थिति सामने आई.
प्रार्थी द्वारा याचिका पूरी हो गई. कोर्ट ने 26 जून को सुनवाई के दौरान उद्योग सचिव को कोर्ट में उपस्थित होकर मामले पर विचार-विमर्श करने का आदेश दिया है.
यह संबंध रखते हुए कि मोगिया हाईटेक प्राइवेट लिमिटेड ने इंडस्ट्रियल पॉलिसी के तहत सब्सिडी की मांग की थी, दावा किया गया था कि उनकी सभी शर्तें पूरी की गईं.
लेकिन उद्योग विभाग ने उनकी सब्सिडी का प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया था. इसके बाद प्रार्थी ने कोर्ट में याचिका दाखिल की.
याचिका के दौरान प्रार्थी के वकील ने कोर्ट को बताया कि उद्योग विभाग ने इंक्रीमेंटल प्रोडक्शन के अभाव में सब्सिडी देने से इंकार किया है.
हालांकि, मोगिया हाईटेक की क्षमता में इंक्रीमेंटल प्रोडक्शन करने की क्षमता है, लेकिन वर्ष में उन्हें इसे पूरा नहीं कर पाया क्योंकि प्लांट में खराबी हो गई थी. इसलिए मोगिया हाईटेक को इंडस्ट्रियल सब्सिडी नहीं देना उचित नहीं है.
इस मामले में प्रार्थी ने इंडस्ट्रियल सब्सिडी के तहत 5 करोड़ 25 लाख रुपए की सब्सिडी देने का प्रस्ताव किया था. उपरोक्त मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में हुई.

















