रांची: ईडी ने सोमवार की शाम को हिनू स्थित ईडी ऑफिस पहुंचे कारोबारी विष्णु अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने फर्जी दस्तावेज के सहारे चेशायर होम रोड पर स्थित एक एकड़ जमीन की खरीदारी की है। जमीन की खरीद-बिक्री के मामले में उनकी गिरफ्तारी है। ईडी के द्वारा इसके पहले, उन्हें जालसाजों के मामले में 13वीं गिरफ्तारी हुई थी। विशेष न्यायाधीश के अदालत में उन्हें एक अगस्त को पेश किया जाएगा।
सोमवार की शाम को, विष्णु अग्रवाल ने ईडी के समन पर उत्तर देने के लिए वे दिल्ली से रांची जाकर ईडी कार्यालय पहुंचे। वहां ईडी के अधिकारियों ने उनसे कई घंटे तक पूछताछ की और रात में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। जांच में पाया गया कि विष्णु अग्रवाल ने चेशायर होम रोड पर स्थित जमीन की खरीदारी की, जिसमें उसके मूल दस्तावेज में छेड़छाड़ हुई थी। इस बाद उस जमीन के दस्तावेजों को जांच के लिए गुजरात स्थित फॉरेंसिक लैब भेज दिया गया था, जहां जमीन के मूल दस्तावेज में छेड़छाड़ करके उसकी सत्यता को पुष्टि किया गया।
जांच में पाया गया है कि जालसाजों ने कोलकाता रजिस्ट्री कार्यालय में रखे गए मूल दस्तावेज में छेड़छाड़ कर गंगाधर राय को जमीन का फर्जी मालिक बनाया था। इसके बाद गंगाधर राय के पोते राजेश राय से जमीन की खरीद-बिक्री के लिए इम्तियाज अहमद और भरत प्रसाद ने पावर ऑटोर्नी की दस्ती ली थी। इन दोनों ने जमीन को पुनीत भार्गव को बेची, जिसका सौदा 1.50 करोड़ रुपये में हुआ। लेकिन, राजेश राय को सिर्फ 25 लाख रुपये का भुगतान किया गया था और शेष 1.25 करोड़ रुपये के फर्जी भुगतान का दावा किया गया। इसके बाद पुनीत भार्गव ने व्यापारी विष्णु अग्रवाल को 1.87 करोड़ रुपये में जमीन बेच दी।
समस्या में पड़े लोगों को परेशानी में डालते हुए, ईडी ने चेशायर होम रोड पर स्थित जमीन की खरीद-बिक्री के मामले में जमीन के फर्जी मालिक गंगाधर राय के पोते राजेश राय और पावर ऑटोर्नी भरत प्रसाद को भी गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश के आलोक में जेल भेज दिया है।

















