पटना : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व एमएलसी राबड़ी देवी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर तंज कसा है। राबड़ी देवी ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक में जो 33 फीसदी आरक्षण दिया गया है उसमें एससी, एसटी और ओबीसी महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित नहीं की गई है। एससी/एसटी वर्गों के लिए जो प्रावधान किया है वह उन वर्गों के लिए पहले से ही आरक्षित सीटों में से एससी/एसटी की महिलाओं को 33 फीसदी मिलेगा। यानी यहां भी एससी/एसटी को धोखा मिला है।
राबड़ी देवी ने कहा कि एससी/एसटी, पिछड़े/अतिपिछड़े एवं अल्पसंख्यक वर्गों की महिलाओं को ठेंगा दिखाने वाला महिला आरक्षण परिसीमन के बाद लागू होगा। परिसीमन जनगणना के बाद होगा। जातिगत जनगणना करवाने के दबाव में केंद्र ने जनगणना को ठंडे बस्ते में ही डाल दिया है। मतलब बस झाल बजाने और शोर मचाने के लिए शगूफा छोड़ा गया है। महिला आरक्षण के अंदर वंचित, उपेक्षित, खेतिहर एवं मेहनतकश वर्गों की महिलाओं की सीटें आरक्षित हो। मत भूलो, महिलाओं की भी जाति है। अन्य वर्गों की तीसरी/चौथी पीढ़ी की बजाय वंचित वर्गों की महिलाओं की अभी पहली पीढ़ी ही शिक्षित हो रही है इसलिए इनका आरक्षण के अंदर आरक्षण होना अनिवार्य है।


















