नवादा : नवादा जिला के रजौली प्रखंड मुख्यालय के उग्रप्रभावित क्षेत्र में सड़क की समस्या को लेकर रजौली दक्षिणी जिला परिषद सदस्य मेवालाल राजवंशी ने सवैयाटांड़ पंचायत के ग्रामीणों से मिलकर सड़क की समस्या को सुना। रजौली दक्षिणी जिला परिषद ने बताया कि विगत कई वर्षों से रजौली प्रखंड क्षेत्र के सवैयाटांड पंचायत के लोग आज भी प्रखंड मुख्यालय की कई सरकारी सुविधाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं।
जिला परिषद ने बताया कि रजौली प्रखंड के सबैयाटांड एकमात्र ऐसा पंचायत है। जहां जाने के लिए झारखंड के कोडरमा जिला से होकर सवैयाटांड पंचायत जाना पड़ता है। यहां तक की जनप्रतिनिधि हो या प्रखंड पंचायत के कोई भी पदाधिकारी सभी को इस पंचायत में आने के लिए लगभग 60 से 70 किलोमीटर दूरी तय करके आना पड़ता है। वहीं जिला परिषद बताते हैं कि धमनी पंचायत से होकर सवैयाटांड पहुंचने में लगभग 22 किलोमीटर दूरी पड़ती है। मात्र तीन किलोमिटर सड़क नहीं बनने के कारण 60 – 70 किलोमिटर दुरी तय करना पड़ता है।
अनापति प्रमाण पत्र नहीं देने के कारण नहीं बन पाई सड़क
जिला परिषद मेवालाल राजवंशी बताते हैं कि सड़क निर्माण के वक्त वन विभाग के पदाधिकारी के द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिए जाने के कारण आज तक लगभग तीन किलोमीटर सड़क का निर्माण नहीं हो पाई। जिला परिषद आरोप लगाते हुए बताया कि हर वर्ष लगभग वन विभाग के पदाधिकारी के द्वारा लाखो का घोटाला किया जाता है। प्रति वर्ष सड़क पर मिट्टी भराई के नाम पर पैसा निकल लिया जाता है। इस मौके पर पंचायत के हजारों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
अनिल शर्मा की रिपोर्ट
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