दुर्गा पूजा में तीसरी आंख का होगा पहरा, थाना प्रभारियों को दी गई अहम जिम्मेवारी

रांचीः दुर्गा पूजा के दौरान राजधानी में कोई समस्या ना हो और शांतिपूर्ण तरीके से यह दुर्गोत्सव संपन्न हो। इसको लेकर रांची पुलिस प्रशासन एक्टिव मोड में आ गई है। सुरक्षा व्यवस्था चुस्त दुरुस्त करने की पूरी तैयारी पुलिस प्रशासन की ओर से की जा रही है। पूजा के दौरान किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए विशेष चौकसी बरती जा रही है और सभी पर नजर रखने के लिए तीसरी आंख का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किए जाने पर जोर दिया गया है।

दुर्गा पूजा में राजधानी में इस बार निगरानी के लिए 900 सीसीटीवी कैमरों को लगाया जाएगा। साथ ही आग से बचाव के लिए भी सभी पूजा समितियों को थाना को लिखित अंडर टेकिंग देना होगा। दुर्गा पूजा के दौरान 8 दिनों तक सुरक्षा को लेकर सबसे ज्यादा पुलिस जवानों की जरूरत पड़ती है। भीड़ को संभालने, उपद्रवियों और मनचलों पर पैनी नजर रखने समेत ट्रैफिक व्यस्था को नॉर्मल रखने के लिए पुलिस को बेहद चौकन्ना रहना पड़ता है। ऐसे में सीसीटीवी कैमरे पुलिस के लिए सबसे ज्यादा मददगार साबित होते हैं।

रांची के सीनियर एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा के लिए टेक्निकल सेल का भी सहारा लिया जा रहा है। पूजा में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा की संख्या बढ़ाई जा रही है। वर्तमान में पूरे शहर में 600 सरकारी कैमरे लगे हुए है। साथ ही शहर के प्रतिष्ठानों में लगे कैमरों को भी कंट्रोल रूम से जोड़ा जा रहा है। ताकि शहर के चौक चौराहे तीसरी आंख की निगरानी में रहे।

दुर्गा पूजा को ध्यान में रखते हुए सभी पूजा समितियों को सीसीटीवी कैमरे लगाने का सख्त निर्देश दिया गया है। खासकर पंडालों में इंट्री और एक्जिट प्वाइंट पर कैमरे लगाने का निर्देश पूजा दिया गया है। इसकी जांच की जिम्मेवारी थाना प्रभारियो को दी गई है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के सभी थाना प्रभारियों को पूजा पंडालों का निरीक्षण कर सीसीटीवी को चेक करना है।

पूजा समितियों के साथ मिलकर शहर में 400 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। जिसे 15 अक्टूबर से पहले इंस्टॉल कर लिया जायेगा। रांची रेंज के डीआईजी अनूप बिरथरे ने इसको लेकर कहा है कि दुर्गा पूजा के दौरान पूर्व में आगलगी की घटनाएं सामने आ चुकी है। ऐसे में पूजा पंडाल में फायर सेफ्टी को लेकर विशेष व्यवस्था करने को कहा गया है। इसके साथ ही पूजा के दौरान शहर में कुल आठ जगहों पर अग्निशमन वाहन स्टेटिक रूप में तैयार रहेंगे।

साथ ही दुर्गा पूजा के दौरान कोई घटना ना घटे इसके लिए सभी पूजा समितियों को फायर सेफ्टी के निर्देश दिए गए है।सभी पूजा समिति को उस क्षेत्र के थाने में फायर सेफ्टी की लिखित जानकारी देनी है। साथ ही थाना प्रभारियों को पंडाल के निरीक्षण की जिम्मेवारी सौंपी गई है। किसी भी हालत में लापरवाही ना हो इसका विशेष ख्याल रखने के कड़े निर्देश दिए गए है।

रिपोर्टः कमल कुमार

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