Ranchi. बिहार में महागठबंधन की सरकार पर संकट का बादल छाया हुआ है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कभी भी मौजूदा सरकार को भंगकर एनडीए के साथ नई सरकार बनाने की पेशकश कर सकते हैं। इस बीच सहयोगी दलों की ओर से नाराज नीतीश को मनाने की जोर आजमाइश जारी है। पहले लालू यादव और अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने खुद नीतीश से संपर्क करने की कोशिश की है, लेकिन नीतीश ने उनका फोन नहीं उठाया।
बिहार में सियासी उलटफेर की अटलकों के बीच कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बात करने की कई कोशिशें कीं, लेकिन उनके बीच कोई बातचीत नहीं हो सकी। वहीं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लालू यादव ने भी कई बार नीतीश को फोन के जरिए संपर्क करने की कोशिश की थी, लेकिन संपर्क नहीं हुआ था। इसके बाद दोनों में तल्खियां और बढ़ गयी है।
इंडिया गठबंधन में नीतीश कुमार की भूमिका
बता दें कि 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को केंद्र की सत्ता से बाहर करने के लिए विपक्ष के 28 बड़ी पार्टियों ने संयुक्त रूप से इंडिया गठबंधन बनाया है। इन पार्टियों को एक प्लेटफॉर्म पर लाने का श्रेय नीतीश कुमार को ही जाता है। वे साल 2022 से ही गैर बीजेपी दलों को एकजुक करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने सभी पार्टियों के नेताओं से मुलाकत भी की थी और एकजुट होने को कहा था। इसका ही परिणाम रहा कि इस साल अगस्त में इन पार्टियों की पटना में मीटिंग हुई। इसके बाद इंडिया गठबंधन बना।




