पटना: एनडीए में लोजपा (पारस गुट) को सीट शेयरिंग में एक भी सीट नहीं मिली है। इससे नाराज होकर पशुपति पारस ने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। ऐसे में अब कहा जा रहा है कि पशुपति पारस महागठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। मामले में पशुपति पारस ने कहा कि वे ईमानदारी से एनडीए गठबंधन में रहे लेकिन आज उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया है लेकिन अभी तक एनडीए में रहने या हटने के मामले में उन्होंने कुछ नहीं कहा है।
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मामले में बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने हमेशा पशुपति पारस को सम्मान दिया है और आगे भी देती रहेगी। भाजपा नेतृत्व का इन सारी घटनाक्रम पर नजर है और इस मामले में भी नेतृत्व कुछ अच्छा निर्णय लेगी। विजय सिन्हा ने कहा कि पशुपति पारस लम्बे समय तक केंद्र में मंत्री रहे, पीएम मोदी अगर नए लोगों का स्वागत कर रहे हैं तो इसका उन्हें सम्मान करना चाहिए।


















