JPSC, CDPO, Food Safety Officer और JSSC CGL परीक्षा के विज्ञापन रद्द करने की अधिसूचना के खिलाफ याचिकाओं पर 15 सितंबर को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।
Jharkhand High Court रांची: जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा, सीडीपीओ, फूड सेफ्टी ऑफिसर और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के विज्ञापन रद्द करने की राज्य सरकार की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 15 सितंबर को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। मामला जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में सूचीबद्ध है। इन परीक्षाओं के विज्ञापन रद्द किए जाने के खिलाफ अभ्यर्थियों ने अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं।
Jharkhand High Court: सात सितंबर तक मांगा था सरकार से जवाब
मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सात सितंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। हालांकि, सोमवार तक सरकार की ओर से अदालत में जवाब दाखिल नहीं किया गया था। अब 15 सितंबर को होने वाली सुनवाई में सरकार के जवाब और उसके रुख पर नजर रहेगी।
कुछ मामलों में झारखंड लोक सेवा आयोग की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने शपथ पत्र दाखिल किया है। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल नहीं किए जाने के कारण मामले की सुनवाई में सरकार का पक्ष अहम रहेगा।
Key Highlights
- JPSC और JSSC की कई परीक्षाओं के विज्ञापन रद्द करने का मामला।
- 15 सितंबर को झारखंड हाईकोर्ट में होगी सुनवाई।
- मामला जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में सूचीबद्ध है।
- हाईकोर्ट ने सरकार को सात सितंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।
- कुछ मामलों में JPSC की ओर से शपथ पत्र दाखिल किया जा चुका है।
इन परीक्षाओं के विज्ञापन रद्द करने को दी गई है चुनौती
रमेश उरांव व अन्य ने JSSC CGL परीक्षा 2023 का विज्ञापन रद्द करने की अधिसूचना को चुनौती दी है। वहीं, सुभाष मुर्मू व अन्य ने CDPO नियुक्ति परीक्षा रद्द करने के सरकार के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की है।
जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का विज्ञापन रद्द किए जाने के खिलाफ दीपमाला, आशीष अक्षत, आकांक्षा मिंज व अन्य ने हाईकोर्ट का रुख किया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सरकार की ओर से विज्ञापन रद्द करने के फैसले को चुनौती दी गई है।
Food Safety Officer परीक्षा भी विवाद के घेरे में
सौरभ सिंह व अन्य ने फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा रद्द करने की अधिसूचना को चुनौती दी है। इन सभी मामलों में याचिकाकर्ताओं की ओर से परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सरकार के फैसले पर सवाल उठाए गए हैं।
अब 15 सितंबर की सुनवाई में अदालत इन याचिकाओं पर आगे की कार्रवाई तय करेगी। खास तौर पर राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल नहीं किए जाने और जेपीएससी की ओर से दाखिल शपथ पत्र के बाद अदालत का रुख महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



















