जमशेदपूरः वन और पर्यावरण के मुद्दे पर आयोजित एक सेमिनार को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक सरयू राय ने कहा है कि 2005 तक झारखंड में नदियों की स्थिति ठीक थी, नदियां साफ-सुथरी थी. लेकिन औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ ही प्रदूषण का स्तर बढ़ता गया. नदियां प्रदूषित होती गई. इसके कारण इन नदियों के किनारों पर बसे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही, वन्य प्राणियों के जीवन पर भी संकट मंडरा रहा है. दलमा में वन्य प्राणियों को काफी नुकसान हो रहा है. यदि प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो भविष्य में और भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा. आदित्यपुर, कांड्रा,गम्हरिया, चौका में लगातार औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि हो रही है, लेकिन इसके समानान्तर प्रदूषण को रोकने की कोई व्यवस्था नहीं हो रही है.
सरयू राय ने आरोप लगाया कि झारखंड में विधानसभा और हाईकोर्ट का निर्माण तो किया गया, लेकिन इस निर्माण के समय पर्यावरण को ध्यान में रख ही नहीं गया. इस मामले में एनजीटी ने भी प्रश्न उठाया था.


















